शर्मनाक : चमोली में दूध लेने गई 11 वर्षीय नाबालिग से रेप के बाद हत्या

उत्तराखंड में चमोली जिले के नारायणबगड़ में दूध लेने गई 11 वर्षीय एक नाबालिग बच्ची की रेप के बाद हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रविवार सुबह हुई इस हृदयविदारक घटना से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।

गुस्साए ग्रामीणों ने नारायणबगड़-भगोती मोटर मार्ग पर सात घंटे तक जाम लगाकर धरना प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक हत्या के आरोपी को पकड़कर उनके सामने नहीं लाया जाता, वह मासूम के शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं ले जाने देंगे।

देर शाम बच्ची के शव के साथ नारायणबगड़ पुलिस चौकी पहुंचे ग्रामीणों ने चौकी और विधायक डॉ. जीतराम का घेराव किया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए राजस्व पुलिस हिरासत में लिए आरोपी को ग्रामीणों के सामने ले आई। बताया जाता है कि आरोपी बीरेंद्र कुमार उत्तराखंड पुलिस का बर्खास्त सिपाही है।

ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह सात बजे बच्ची घर से दूध लेने के लिए निकली थी। जब वह काफी देर तक घर नहीं लौटी, तब उसकी खोजबीन शुरू हुई। परिजन नाबालिक बच्ची को खोज ही रहे थे कि साढ़े आठ बजे बच्ची के चाचा को गांव के पास रास्ते में दूध के डिब्बे गिरे मिले।

वहीं सड़क से सटी झाड़ियां टूटी हुई थी। बच्ची कहीं गिर न गई हो, इस संदेह में जब उसके चाचा झाड़ियों के पास पहुंचे तो वहां बच्ची का शव पड़ा देख सन्न रह गए। उसके शरीर पर कई घाव थे और वह खून से लथपथ थी। परिजनों को सूचना देने के बाद वह पुलिस चौकी पहुंचे।

बच्ची के चाचा ने बताया कि घर से निकलते वक्त किमोली गांव का युवक बीरेंद्र लाल बच्ची के साथ देखा गया था। परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ शिकायत दी। इस घटना की जानकारी होते ही ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए नौ बजे लेगुना, बेडुला और किमोली के ग्रामीणों ने रास्ते पर जाम कर दिया।

एसडीएम अनूप नौटियाल राजस्व पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं माने। दोपहर साढ़े बारह बजे राजस्व पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया। ग्रामीण शाम चार बजे चौकी पहुंचे और घेराव कर आरोपी को सामने लाने की मांग की। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस आरोपी को पौने सात बजे सामने लाई और बाद में कड़ी सुरक्षा के बीच ले गई।

बच्ची के रेप और हत्या की घटना से नारायण की नगरी नारायणबगड़ दहल उठी है। सुबह सवेरे हुई इस घटना से आम लोगों में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। उनका कहना है कि बड़ों से लेकर बच्चों तक अब कोई सुरक्षित नहीं। अपने ही भक्षक बनते जा रहे हैं। उन्होंने वीभत्स घटना को अंजाम देने वाले दुष्कर्मी को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है।

साल 2009 में चमोली जिले में पांच साल की एक बच्ची का शव बोरे में बंद मिला था। बच्ची की हत्या कर दी गई थी। नारायणबगड़ में ही अक्टूबर 2010 में हुए दोहरे हत्याकांड का आज तक खुलासा नहीं हो पाया है। पांच जनवरी 2015 को नारायणबगड़ बाजार में मोटर वर्कशॉप चलाने वाले कारोबारी और बैनोली निवासी हरि प्रसाद सती का दुकान से अपहरण कर लिया गया।

उनका शव 19 जनवरी को पिंडर नदी के किनारे पत्थरों के नीचे दबा हुआ मिला। पुलिस ने मामले में सात फरवरी को एक युवक को पकड़ा था, लेकिन ग्रामीण इससे संतुष्ट नहीं थे और सीबीसीआईडी की जांच की मांग कर रहे थे। सीएम के आश्वासन के बाद भी अभी मामला जस का तस है। प्रधान संगठन के अध्यक्ष महेशानंद चंदोला ने कहा कि लगातार हो रहे अपराध पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।