बनबसा : अस्पताल के दो कमरों में 2 शिक्षकों के सहारे चल रहा है सरकारी कॉलेज

उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में प्राथमिक शिक्षा का हाल जहां बद से बद्दतर हो चुका है। वहीं उच्च शिक्षा के हालात भी वर्तमान में कुछ बेहतर नहीं कहे जा सकते।

चंपावत जिले के सीमांत नगर बनबसा मे पिछले दो साल से सरकारी अस्पताल के दो कमरों में राजकीय महाविद्यालय चल रहा है, जिसके चलते छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

मात्र दो शिक्षकों के सहारे चलाए जा रहे राजकीय महाविद्यालय बनबसा के लिए न तो प्रशासन द्वारा अभी तक कॉलेज भवन के लिए भूमि आंवटित हो पाई है और न ही उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवक्ताओं की नियुक्ति की गई है।

बनबसा डिग्री कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र भी अपने इस दर्द को बंया कर रहे है। वहीं स्थानीय जनता भी उच्च शिक्षा के नाम पर स्थानीय छात्र-छात्राओं के साथ छलावा होने की बात कहते हुए सरकार द्वारा जल्द डिग्री कॉलेज के लिए भवन निर्माण और प्रवक्ताओं की नियुक्ति न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दे रही है।

वहीं दूसरी ओर तमाम असुविधाओं के साथ चल रहे बनबसा डिग्री कॉलेज में प्राचार्य महोदय को कोई भी शिक्षा अवस्थाएं नजर नहीं आ रही हैं। उनके अनुसार जल्द ही कॉलेज भवन के लिए भूमि आवंटन और रिक्त प्रवक्ताओं की इसी महीने के अंत में नियुक्ति हो जाने की दलील दी जा रही है।

बहरहाल क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक हेमेश खर्कवाल ने मुख्यमंत्री के करीबी होने का लाभ उठाकर अपनी विधानसभा में दस किलोमीटर के अंदर ही दूसरा डिग्री कॉलेज बनबसा में खुलवा तो दिया, लेकिन विधायक महोदय भी शिक्षा संस्थान खुलवाकर आगे की सुविधाएं दिलवा पाने असफल रहे।