देहरादून।… देश भर में पहली बार लेपर्ड यानी गुलदारों की संख्या का आधिकारिक आंकड़ा जारी किया गया है। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की गणना में देशभर में गुलदारों की संख्या 7910 रिकॉर्ड की गई। अकेले उत्तराखंड में ही गुलदारों की संख्या 703 है।

हालांकि, गुलदारों की गिनती उच्च हिमालयी क्षेत्रों में न हो पाने से इस संख्या में 400 से 500 का इजाफा और हो सकता है। यानी उत्तराखंड में गुलदारों की संख्या 1200 से ज्यादा होने की संभावना है।

बाघों की तरह ही भारतीय वन्यजीव संस्थान के विज्ञानियों ने वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वाईबी झाला के दिशा-निर्देशन में शिवालिक हिल्स, गंगा के मैदान, मध्य भारत व पश्चिमी घाट में गुलदारों की गिनती की।

इसके लिए कैमरा ट्रैप से लेकर गुलदारों की उपस्थिति के विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया गया। सबसे ज्यादा करीब 4500 गुलदार मध्य हिमालय क्षेत्र में पाए गए हैं।

इसके बाद यह संख्या (करीब 2500) पश्चिमी घाट व मध्यम हिमालय में 4400 से अधिक दर्ज की गई। सबसे अधिक गुलदारों की संख्या मध्य प्रदेश में रिकॉर्ड हुई है। गुलदारों की तादाद में महाराष्ट्र दूसरे, कर्नाटक तीसरे, छत्तीसगढ़ चौथे, तमिलनाडु पांचवें व उत्तराखंड छठे स्थान पर पाया गया।

हालांकि, उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में गणना न होने से स्थिति साफ नहीं हो पाई। संस्थान के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. झाला के मुताबिक उच्च हिमालयी क्षेत्र में गणना की जाती तो उत्तराखंड का स्थान गुलदारों की संख्या में दूसरा हो सकता था।

गणना के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि न सिर्फ गुलदार पूरी तरह स्वस्थ हैं, बल्कि इनकी मौजूदगी लगभग हर वन क्षेत्रों में पाई गई। वैज्ञानिकों के मुताबिक गुलदारों की रिकॉर्ड की गई संख्या घटने या बढ़ने का कोई संकेत नहीं है, यह कह पाना मुश्किल कि इनकी संख्या घट रही है या बढ़ रही है। क्योंकि यह अध्ययन पहली बार किया गया है। अगली गणना में ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।

गुलदारों की ज्यादा संख्या वाले राज्य ये हैं

मध्यप्रदेश 1817
कर्नाटक 1129
महाराष्ट्र  905
छत्तीसगढ़  846
तमिलनाडु  815
उत्तराखंड  703