देहरादून।… उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केदारनाथ आने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने पीएम से केदारनाथ आकर राज्य सरकार द्वारा प्राचीन हिमालयी मंदिर के पुराने गौरव को लौटाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखने और मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद काम में लगे कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री रावत ने यह निमंत्रण मोदी को ऋषिकेश के आइडीपीएल हैलीपैड पर पहुंचने पर दिया। मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार उत्तराखंड के दौरे पर पहुंचे थे। साल 2013 में आयी भीषण प्राकृतिक आपदा में सर्वाधिक बर्बादी केदारनाथ में ही हुई थी।

अपने निमंत्रण पत्र में रावत ने कहा, ‘यह वास्तव में खुशी की बात होगी कि आप केदारनाथ का भ्रमण करें और राज्य सरकार द्वारा हिमालयी मंदिर के प्राचीन गौरव को लौटाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखें। आपके भ्रमण से साल 2013 में त्रासदी आने के बाद से अब तक चौबीसों घंटे पुनर्निर्माण के काम में जुटे कर्मचारियों का मनोबल भी बढेगा।’

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केदारनाथ में राज्य सरकार द्वारा किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण देते हुए रावत ने कहा, ‘साल 2013 के मध्य जून में आई प्राकृतिक आपदा के बाद उत्तराखंड पर गठित कैबिनेट कमेटी ने एक विशेष पुनर्निर्माण पैकेज मंजूर किया था। मंदिर तक संपर्क बहाल करने और मंदिर को दुरुस्त करने के बाद, राज्य सरकार ने केदारनाथ में सडक, पुल, पानी की लाइनें दुरुस्त करने, हैलीपैड निर्माण, प्रभावित परिवारों के लिए मकान की व्यवस्था करने सहित वृहद स्तर पर बड़ा पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया।’

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सीएम रावत ने पीएम मोदी को बताया कि केदारनाथ में एक ऐसे बहुउददेशीय हैलीपैड का निर्माण किया गया है जहां एम आई-17 हैलीकॉप्टर भी उतर सकता है और जिससे निर्माण के लिए जरूरी उपकरण भी मौके तक पहुंचाने में मदद मिली। मुख्यमंत्री ने अपने निमंत्रण पत्र के साथ एक सीडी भी दी है, जिसमें केदारनाथ में चल रहे पुनर्निर्माण कार्य से संबंधित कुछ दृश्य कैद हैं।

केदारनाथ आने के लिए निमंत्रण पत्र के साथ रावत ने प्रधानमंत्री को आपदा के बाद राज्य के सामने आ रही चुनौतियों से संबंधित एक अन्य पत्र भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने मोदी से उत्तराखंड के लिए गठित कैबिनेट कमेटी द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण के लिए मंजूर किए गए विशेष पैकेज के बाकी बचे 1200 करोड़ रुपये भी जारी करने का अनुरोध किया।

रावत ने 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों से उत्तराखंड को हुए राजस्व नुकसान का मसला भी उठाया और उनसे उत्तराखंड को विशेष श्रेणी राज्य के दर्जे के तहत केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात में कोष देने को कहा।