केंद्र सरकार की स्मार्ट सिटी योजना के तहत उत्तराखंड सहित 10 राज्यों के चिन्हित 40 शहरों के लिए पहली किस्त की रकम भी जारी कर दी गई है। उत्तराखंड सहित 10 राज्यों की क्षेत्रीय कार्यशाला हो जाने के बाद, जन सहभागिता के साथ पारदर्शी तरीके से योजना को अमल में लाने के लिए शेष बचे राज्यों के साथ सितंबर महीने में ही दो और क्षेत्रीय कार्यशालाएं कलकत्ता व हैदराबाद में होनी है।

पूरे देश में अब तक इस योजना के धरातल पर आने की दिशा में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर सबसे अव्वल है। स्मार्ट सिटी योजना के क्रियान्वयन को लेकर सीईपीटी अहमदाबाद और क्षेत्रीय नगर एवं पर्यावरण अध्ययन केंद्र (आरसीयूईएस) लखनऊ के सहयोग से पिछले दिनों दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित कार्यशाला में शामिल राज्यों को कंसल्टेंट का चयन करने के साथ ही चिन्हित शहर का पोर्टल बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

इस कार्यशाला में उत्तराखंड के अलावा मध्य-प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, चंड़ीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात राज्यों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।

कार्यशाला के संयोजक और उप्र में योजना के रिसोर्स पार्टनर आरसीयूईएस की उप-निदेशक डॉ. अलका सिंह ने बताया कि कार्यशाला में शामिल सभी 10 राज्यों के चयनित कुल 40 नगरों में योजना को अमली जामा पहनाने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने और अपना पोर्टल moud.gov.in पर लिंक करने को कहा गया है।

उन्होंने बताया कि इसी क्रम में 7 व 8 सितंबर को संस्था की मुख्य सलाहाकार संस्था ब्लूम बर्ग ने 98 शहरों के प्रतिनिधियों के साथ स्मार्ट सिटी योजना की परिकल्पा साझा की है। योजना के अगले चरण में शहर के नाम से बने पोर्टल पर शहरवासियों की राय, वोटिंग, वीडियो कान्फ्रेंसिंग ही नहीं, ऑनलाइन वार्ता कर सुझाव देने की व्यवस्था की जानी है।

डॉ. अलका ने बताया कि अब तक सिर्फ भोपाल शहर का पोर्टल ऑनलाइन हुआ है और उस पर लोगों के सुझाव व कमेंट भी आ रहे हैं। शेष राज्यों की क्षेत्रीय कार्यशाला होने के बाद स्टेट लेविल और सिटी लेविल की कार्यशालाएं होंगी। शहरों के पोर्टल mygov.in बेवसाइट पर भी खोले जा सकेंगे।