ग्रेड-पे बढ़ाने के लिए पिछले कई दिनों से आंदोलनरत नर्सें गुरुवार से महाहड़ताल पर जा रही हैं। नर्सों ने चेतावनी दी है कि ग्रेड-पे की मांग पूरी होने तक वे हड़ताल पर रहेंगी। उनका कहना है कि भले ही उन्हें जेल जाना पड़े, लेकिन वे सरकार से ग्रेड-पे बढ़वाकर ही दम देंगी।

ग्रेड-पे समेत विभिन्न मांगों पर राजकीय नर्सेज एसोसिएशन के बैनर पर राज्यभर की नर्से पिछले करीब एक हफ्ते से आंदोलन कर रही हैं। पिछले तीन दिन से नर्सों ने सामूहिक छुट्टी लेकर काम बंद कर दिया था। मंगलवार को ही स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी से बात-चीद विफल रहने के बाद नर्सों ने दस सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय ले लिया था। बुधवार शाम सरकार की ओर से हड़ताल को प्रतिबंधित करने पर नर्सेज एसोसिएशन ने नर्सेज आवास में आपात बैठक की।

एसोसिएशन की प्रांतीय प्रवक्ता लक्ष्मी पुनेठा ने कहा कि नर्स दो साल से शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगें रख रही हैं। सरकार नर्सों को हर बार झूठा आश्वासन देती है। इस बार नर्स ग्रेड-पे बढ़ने पर ही हड़ताल समाप्त करेंगी। इससे पहले बुधवार दोपहर में भी नर्सों ने बैठक कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।

बातचीत से सुलह नहीं होने पर सरकार ने नर्सों की हड़ताल के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग में एस्मा लागू कर दिया है। एस्मा लागू होने के बाद सरकार ने विभागाध्यक्षों के साथ ही सभी जिलाधिकारियों को भी अलर्ट कर दिया है। एस्मा लागू रहने के दौरान यदि कोई कर्मी हड़ताल या कार्य बहिष्कार करेगा या सरकारी कामकाज में बाधा डालेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।