देहरादून के राजपुर में हुई डिप्लोमा इंजीनियर नीरज की हत्या का आरोपी राजेश सैनी पुलिस की गिरफ्त में है। आरोपी ने पुलिस के सामने हत्या की पूरी कहानी सुनाई तो वहां रह कोई सन्न रह गए। हत्यारे राजेश ने बताया कि नीरज ने खुद को बचाने के लिए खूब जद्दोजहद की थी।

सोते समय सिर पर तवे और कुकर के ढक्कन के हमले के बाद एक बार तो नीरज हत्यारे के चुंगल से निकलकर बच गया था। फिर राजेश ने उसे बाथरूम में दबोचकर अधमरा किया। हत्या के आरोपी की मानें तो नीरज चीखा और चिल्लाया भी था। एक बार तो वह भी घबरा गया, लेकिन किसी के उसकी चीख नहीं सुनी।

कमरे और बाथरूम की दीवार पर खून के छींटों से रविवार को ही मृतक और हत्यारोपी के बीच जद्दोजहद होने की आशंका जताई गई थी। पुलिस हिरासत में आए आरोपी राजेश सैनी ने सिलसिलेवार तरीके से कत्ल की पूरी दास्तां सुनाई तो वह सही साबित हुई।

घटना को अंजाम देने के लिए राजेश को कई घंटे इंतजार करना पड़ा। वह नींद आने का ड्रामा करते हुए बिस्तर पर पड़ा रहा। वह जानता था कि सोते समय ही नीरज को काबू में किया जा सकता था।

तीन बजे के करीब हत्यारे ने नीरज को आवाज लगाकर यह तसल्ली की कि वह सो गया है या नहीं। जब कोई जवाब नहीं मिला तो वह चुपके से उठकर रसोई में चला गया। जहां से वह तवा, कुकर और सब्जी काटने वाले तीन चाकू उठाकर लाया।

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सबसे पहले सिर पर तवे और फिर कुकर के ढक्कन से हमला किया। लहूलुहान होने के बाद नीरज चिल्लाता हुआ मकान मालिक के कमरे की तरफ भागा। एक बार तो लगा कि वह निकल जाएगा, लेकिन राजेश ने दोगुनी ताकत से पीछा कर उसे बाथरूम के पास दबोच लिया। चाकुओं से प्रहार कर पहले उसे अधमरा किया। बाद में वह नीरज को खींचकर वापस कमरे में ले गया, जहां पर उसका गला दबाया गया। मरने की तसल्ली होने के बाद वह यहां से फरार हुआ।

नीरज की हत्या के दौरान आरोपी राजेश सैनी के कपड़े भी खून से सन गए थे। यहां तक कि उसकी एक उंगली में भी चाकू लग गया था। खून से सने कपड़े उतारकर आरोपी ने दूसरे कपड़े पहन लिए थे। हाथ-पैर और मुंह धो लिया, ताकि रास्ते में किसी को उस पर शक न हो।

इंटर पास राजेश सैनी ने बिना रुके कत्ल की कहानी को बेबाकी से बयां किया। वह दोस्त नीरज की हत्या नहीं करना चाहता था, लेकिन उसकी मनमानी की वजह से यह हालात पैदा हुए। अच्छे दोस्त के नाते ही राजेश अपनी मंगेतर से होने वाली बातें नीरज साझा किया करता था। पहले तो नीरज अनजान बनकर राजेश की मंगेतर को एसएमएस करता था।

नंबर पहचानने के बाद उसे समझाया भी था। गलती न करने की बात तो कही थी, लेकिन फिर से वह राजेश की मंगेतर को अश्लील एसएमएस करने लगा था। राजेश की मानें तो फोन पर समझाने की कोशिश की तो नीरज ने उसे देहरादून आने का न्यौता दिया। कहा यहां आ जाओ, तुम्हें दून भी घुमा दूंगा।

राजेश ने बताया कि वह मन में ठानकर चला था कि इस किस्से को खत्म करके ही दम लेगा। नशे में कुछ ऐसी बातें हुईं, जिस कारण उसके पास दूसरा कोई रास्ता नहीं था। आरोपी ने दो टूक कहा कि नीरज का खून किया है तो उसकी सजा का भी हकदार हूं। उसे किसी तरह का पछतावा तो नहीं है, लेकिन वह दोस्त को नहीं खोना चाहता था।