अब टिहरी झील में भी तैरेंगी हाऊस बोट, फ्लोटिंग हट पर काम शुरू

नई टिहरी।… कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील के सौंदर्य और वहां के शिकारे से तो आप वाकिफ होंगे ही। उसी तर्ज पर अब टिहरी झील में भी हाऊस बोट नजर आएंगे। 22 वर्ग किमी. में फैली डल से करीब दोगुने (42 वर्ग किमी.) आकार वाली टिहरी झील में तैरने वाली इस बोट को फ्लोटिंग हट का नाम दिया गया है।

पहले चरण में 10 फ्लोटिंग हट झील में उतारी जाएंगी। हट का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसका संचालन करने वाले झील विकास प्राधिकरण के अनुसार योजना को धरातल पर उतारने में कम से कम आठ महीने का समय लगेगा।

टिहरी झील को विश्व पर्यटन मानचित्र पर उभारने की कवायद में यह एक और कड़ी है। झील को वाटर स्पो‌र्ट्स हब के रूप में विकसित तो किया ही जा रहा है। इसके अलावा सैलानियों को लुभाने के लिए दूसरी अन्य योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। टिहरी के जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह रावत ने जानकारी दी कि फ्लोटिंग हट में एक बैडरूम, अटैच्ड टॉयलेट और छोटी बालकनी होगी। बैडरूम का आकार दस गुणा 12 फीट का होगा। दो लोगों के लिए डिजाइन किए गए कमरे में एक डबल बैड व छोटी मेज कुर्सी भी होगी।

इतना ही नहीं, फ्लोटिंग हट पूरी तरह से ईको फ्रेंडली होंगी। इससे निकलने वाला सीवर झील में नहीं गिराया जाएगा, बल्कि हट में बने एक अलग बॉक्स में जमा कर इसे झील से बाहर निस्तारित किया जाएगा। फ्लोटिंग हट की खासियत यह है कि झील के बीच में सभी दस हट एक दूसरे से चेन के जरिये जुड़ी रहेंगी और पर्यटक नाव से हट तक पहुंचेंगे।

झील विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और टिहरी के जिलाधिकारी युगल किशोर पंत ने बताया कि इन फाइबर हट का निर्माण मुंबई की एक फर्म से कराया जा रहा है। एक हट के निर्माण पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होंगे। पर्यटन विभाग की देखरेख में तैयार कराई जा रही फ्लोटिंग हट को बाद में झील विकास प्राधिकरण को सौंप दिया जाएगा।

राज्य के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री दिनेश धनै ने कहा, ‘फ्लोटिंग हट टिहरी झील को एक नई पहचान देगा। इसमें पर्यटकों को विश्वतरीय सुविधाएं दी जाएंगी। निश्चित तौर पर यह कदम उत्तराखंड पर्यटन में एक नया अध्याय जोड़ेगा।’