देहरादून।… उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अगले साल हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ मेले के आयोजन के लिए केंद्र सरकार से 500 करोड़ रुपये की विशेष सहायता जारी करने का अनुरोध किया है।

मुख्यमंत्री रावत ने यह अनुरोध केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से सोमवार को दिल्ली में एक मुलाकात के दौरान किया। एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, रावत ने अवगत कराया कि अगले साल जनवरी से अप्रैल के बीच आयोजित होने वाले अर्धकुम्भ मेले में देश-विदेश से सात से आठ करोड़ तीर्थयात्रियों के आने की संभावना है और उत्तराखंड सरकार मेले को सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त आयोजित कराने के लिए प्रयासरत है।

बैठक में रावत ने बताया कि अर्धकुंभ के लिए 500 करोड़ के प्रस्तावित बजट में से 325 करोड़ रुपये स्थायी प्रकृति की आधारभूत संरचनाओं पर खर्च किये जा रहे हैं, जबकि राज्य सरकार अपने उपलब्ध संसाधनों में से लगभग 210 करोड़ की परियोजनाएं पहले से ही अनुमोदित कर चुकी है तथा इन पर कार्य भी शुरू हो चुका है।

उन्होंने वित्त मंत्री जेटली से अनुरोध किया कि केन्द्रीय सहायता के 500 करोड़ रुपये जल्दी जारी किए जाएं ताकि अर्धकुम्भ मेले से संबंधित सभी स्थायी व अस्थायी निर्माण कार्य इस साल दिसम्बर तक पूरे किए जा सकें।

चौदहवें वित्त आयोग की सिफारिशों के अंतर्गत फंडिंग पैटर्न में बदलाव के कारण राज्य की वित्तीय स्थिति पर पड़े बुरे प्रभाव के बारे में मुख्यमंत्री रावत ने यह भी कहा कि भौगोलिक रूप से आपदा से प्रभावित होने वाले अति संवेदनशील इस राज्य में आधारभूत संरचनाओं की कमी है और लम्बी अंतरराष्ट्रीय सीमा होने के कारण यह सामरिक रूप से भी महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए पूर्व में केन्द्र सरकार ने इसे विशेष राज्य का दर्जा दिया था, जिसे आगे भी जारी रखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर उत्तराखंड के लिए भी 90:10 के अनुपात में मिलने वाले पुराने फंडिंग पैटर्न को बहाल करने की भी मांग की जो 14वें वित आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद 50:50 के अनुपात में मिल रही हैं।