रूस में विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में दिखेगा उत्तराखंड के पवन का पंच

उत्तराखंड के पवन गुरुंग ने कभी अपने बड़े भाई को देखकर बॉक्सिंग ग्लब्ज पहने थे। अब पवन के पंच का दम पूरी दुनिया देखेगी। रूस में 4 सितंबर से शुरू हो रही प्रतियोगिता में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के बॉक्सिंग कोच ललित मोहन कुंवर के शिष्य पवन गुरुंग का चयन लाइट वेंटम वेट कैटेगरी (54 किलो भार वर्ग) में हुआ है।

भारतीय टीम ने बुधवार सुबह रूस के लिए उड़ान भरी। आईबा जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भारतीय बॉक्सिंग टीम में जगह बनाकर देहरादून के मोहिनी रोड के युवा बॉक्सर पवन गुरुंग ने नया इतिहास रच दिया है। साई नेशनल बॉक्सिंग एकेडमी रोहतक में लगे कोचिंग कैंप के फाइनल ट्रायल में पवन ने शानदार खेल दिखाकर चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।

पवन के पिता और गौतम बॉक्सिंग क्लब के मुख्य कोच नरेश गुरुंग ने बताया कि बड़े भाई प्रवीन को देखकर करीब 6 साल पहले पवन ने भी बॉक्सिंग खेलने की जिद की। पवन के बड़े भाई प्रवीन गुरुंग भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं और वर्तमान समय में सेना में बॉक्सिंग टीम के अहम सदस्य हैं। अपने पिता से ही पवन ने खेल की पहली शिक्षा हासिल की। 2010 में पवन ने पहली बार राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के 30 किलो भार वर्ग में अपना पहला गोल्ड मेडल जीता था।

खेल की बदौलत पवन का चयन महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में हुआ और कॉलेज के बॉक्सिंग कोच ललित मोहन कुंवर से पवन ने खेल की बारीकियां सीखीं। वर्ष 2011 में सब जूनियर नेशनल के 40 किलो भार वर्ग में पवन को ब्रॉन्ज मेडल मिला।

इसके बाद पवन के कदम रुके नहीं और 2012 में सब जूनियर नेशनल और फेडरेशन के नेशनल टूर्नामेंट में पवन ने 40 किलो भार वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर जलवा बिखेरा। पवन के कोच ललित मोहन ने चयन पर खुशी जताते हुए कहा कि उनकी चार साल की मेहनत के बाद यह स्पोर्ट्स कॉलेज और उत्तराखंड के इतिहास में पहला जूनियर बॉक्सर है, जो वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलेगा।