नई दिल्ली।… सुप्रीम कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की से तीन व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से गैंग रेप का मामला दिल्ली की अदालत को स्थानांतरित करने के लिए दायर याचिका पर सोमवार को उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब-तलब किए।

न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति अरूण मिश्रा की पीठ ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किए। न्यायालय कथित बलात्कार की शिकार लड़की के पिता की स्थानांतरण याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि याचिकाकर्ता की नाबालिग बेटी से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इन्दिरापुरम इलाके में एक लड़के आरसी ने दो मई को बलात्कार किया और बाद में उसे इकबाल और आरिफ नाम के लड़के देहरादून ले गए।

देहरादून में एक घर में इकबाल और आरिफ ने लड़की से कथित रूप से गैंग रेप किया और फिर उसे सड़क किनारे फेंक दिया। याचिका के अनुसार भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363 और धारा 376 (डी) तथा यौन अपराधों से बच्चों को संरक्षण कानून (POCSO) के तहत प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद दोनों ही राज्यों की पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

याचिका में कहा गया है कि याचिकाकर्ता और उसकी बेटी को इस मामले को आगे नहीं बढ़ाने के लिए लगातार धमिकयां मिल रही हैं। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों राज्यों की पुलिस आरोपियों की मदद कर रही है और याचिकाकर्ता तथा उसकी बेटी की सुनवाई नहीं कर रही है।

याचिका में पिता ने तीनों आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और अपने तथा अपनी बेटी के लिए कोर्ट से पुलिस संरक्षण की गुहार लगाई है। याचिका में इस मामले को दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है।