लापरवाही से रेल ट्रैक पार करना अक्सर जिंदगी पर भारी पड़ता है। ऐसा भी देखा गया है कि लोग फुट ओवर ब्रिज पर चढ़ने की मेहनत से बचने के लिए भी दौड़कर ट्रैक पार करते हैं। हरिद्वार में इकबालपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पार कर रहे सिकरोढ़ा निवासी पति-पत्नी बांदा एक्सप्रेस की चपेट में आ गए। ट्रेन से कटकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जीआरपी ने शव का पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

सिकरोढ़ा निवासी सईद अहमद अपनी पत्नी अख्तरी बेगम के साथ सहारनपुर से लौट रहे थे। दिल्ली-देहरादून पैसेंजर ट्रेन से इकबालपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर दोनों प्लेटफार्म की ओर न उतरकर दूसरी साइड रेलवे ट्रैक की तरफ उतर रहे थे।

इसी बीच इस ट्रैक पर बांद्रा एक्सप्रेस आ गई। जिससे सईद अहमद (68) और अख्तरी बेगम (56) की ट्रेन से कटकर मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर रुड़की जीआरपी चौकी प्रभारी बीएस अधिकारी इकबालपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और शवों की शिनाख्त कराते हुए सिकरोढ़ा भगवानपुर में सूचना दी।

शवों को पोस्टमार्टम के लिए रुड़की सिविल लाइन अस्पताल भेज दिया गया। वहीं, पति-पत्नी की मौत की खबर से सिकरोढ़ा में परिजनों में कोहराम मच गया। कार्यवाहक जीआरपी चौकी प्रभारी बीएस अधिकारी ने बताया कि दंपति की मौत ट्रैक पार करते समय ट्रेन से कटकर हुई है।

एक अन्य हादसे में हर‌िद्वार में रेलवे के लाल पुल पर सोमवार को एक महिला की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। महिला, पुल के दूसरे छोर पर खड़ी बेटी के ट्रेन की चपेट में आने से बचाने के लिए दौड़ी थी।

हरिद्वार-दिल्ली हाईवे पर वीआईपी घाट के पास झुग्गी-झोपड़ी में रह रही कांता देवी (40) पत्नी स्वर्गीय शंकर सिंह कबाड़ बीनकर अपना गुजर-बसर करती थी। रोजाना की तरह वह सोमवार को भी कबाड़ बीनने के लिए अपनी सात साल की बेटी मेधा को लेकर गई थी।

दोपहर में मां-बेटी ज्वालापुर-कनखल को जोड़ने वाले रेलवे के लाल पुल के अलग-अलग छोर पर खड़ी थी। इसी दौरान हरिद्वार स्टेशन की ओर से आ रही ट्रेन को देखकर मां ने कनखल छोर की तरफ इस आशंका से दौड़ लगा दी कहीं उसकी बेटी उसकी तरफ न आ जाए। लेकिन पुल के छोर तक पहुंचते-पहुंचते पीछे से आ रही ट्रेन ने महिला को अपनी चपेट में ले लिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

सूचना पर पहुंचे जगजीतपुर चौकी प्रभारी ओमकांत भूषण ने शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। महिला मूल रूप से रेवाड़ी (हरियाणा) की रहने वाली है।