देहरादून।… स्टिंग ऑपरेशन मामले में कांग्रेस ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की घोषणा की थी। लेकिन मामले में पुलिस को केवल शिकायती पत्र सौंपे जाने पर मुख्य विपक्षी पार्टी ने सोमवार को कटाक्ष करते हुए कहा कि अपनी भद्द पिटवाने से बचने के लिए ही सत्ताधारी दल ने अपने कदम पीछे खींच लिए।

देहरादून में जारी एक बयान में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय भट्ट ने कहा कि हम सब तो हमारे कार्यकर्ताओं के साथ जेलों को भरने के लिए तैयार बैठे थे, किन्तु कांग्रेस को पता था कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने से उल्टा उसी की भद्द पिटेगी इसलिए वह पीछे हट गई।

गौरतलब है कि गत 27 अगस्त को बीजेपी पर मनगढंत स्टिंग ऑपरेशन करवाकर उत्तराखंड सरकार की छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने घोषणा की थी कि पार्टी विपक्षी दल के नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएगी।

हालांकि, पार्टी सूत्रों ने बताया कि उपाध्याय की यह घोषणा मुख्यमंत्री हरीश रावत को ठीक नहीं लगी और उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए प्रदेश अध्यक्ष से एफआईआर दर्ज न कराने का आग्रह किया, जिसके बाद पार्टी ने अपने कदम पीछे खींचते हुए शनिवार को देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति से मिलकर उन्हें इस संबंध में शिकायती पत्र सौंपा।

पत्र में पार्टी प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि झूठे और मनगढंत स्टिंग ऑपरेशन के माध्यम से उत्तराखंड की हरीश रावत सरकार की छवि खराब करने के लिए बीजेपी के राष्ट्री अध्यक्ष अमित शाह, उपाध्यक्ष श्याम जाजू, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत के अलावा पत्रकार अशोक पाण्डेय सामूहिक और व्यक्तिगत दोनों रूप से जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ समुचित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर उन्हें दंडित किया जाना चाहिए।