उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में सड़क को चौड़ा करने का काम चल रहा था। इसी दौरान जमीन के नीचे अद्भुत जलकुंड मिले हैं। पिथौरागढ़ जिले में गंगोलीहाट स्थित पाताल भुवनेश्वर की गुफा की तरह ही बागेश्वर जिले के पैठाण ग्राम पंचायत के अठपैसिया तोक में भी सड़क चौड़ा करने के लिए की जा रही खुदाई के समय एक दर्शनीय गुफा मिली।

गुफा के भीतर जलकुंड है और उसके साथ में ही शिवलिंग का आभास कराती शिला भी है, जिस पर लगातार पानी टपक रहा है। दीवारों पर भगवान गणेश और नागों सहित कई तरह की आकृतियां बनी हुई हैं। खुदाई के दौरान गुफा मिलने की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते वहां, लोगों का तांता लग गया। गुफा के सड़क से लगे होने के कारण पल्ला कमस्यार क्षेत्र में पर्यटन की भी नई उम्मीदें जग गई हैं।

बागेश्वर से करीब 50 किमी दूर अठपैसिया में कांडा रावतसेरा-बांस पटान सड़क को चौड़ा करने का का काम चल रहा है। रविवार को जेसीबी से पहाड़ की खुदाई हो रही थी। तभी वहां से गुजर रहे कपूरी गांव के हिमांशु राठौर की नजर पहाड़ी में बने एक बड़े से गड्ढे पर पड़ी। वे उस स्थान पर गए और वहां से कुछ पत्थर हटाए। उन्हें वहां एक गुफा नजर आई।

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हिमांशु के साथ जीप ड्राइवर नितिन रावत भी थे। हिम्मत कर दोनों युवा गुफा के अंदर पहुंचे तो उन्हें वहां 14 मीटर लंबी और चार मीटर चौड़ी बेहद दर्शनीय गुफा नजर आयी। गुफा के भीतर करीब चार मीटर लंबा, तीन मीटर चौड़ा, तीन फीट गहरा जलकुंड और इसी के साथ में शिवलिंग का आभास कराती एक शिला है, जिस पर लगातार पानी टपक रहा है।

गुफा के अंदर गणेश, अन्य देवी-देवताओं, नाग और गाय के थन की आकृतियां बनी हुई हैं। गुफा में जाने के लिए सड़क से चार मीटर नीचे उतरना पड़ता है। गुफा में एक साथ पांच से सात लोग आ-जा सकते हैं। बाहर आकर दोनों युवकों ने आसपास के लोगों को गुफा के बारे में बताया। इसके बाद वहां लोगों का तांता लग गया और पूजा-अर्चना शुरू कर दी है।