हरिद्वार।… शुक्रवार से धार्मिक नगरी हरिद्वार में कांवड़ मेला शुरू हो गया है। मेले दौरान कांवड़ पटरी मार्ग पर लगने वाली अस्थाई दुकानों और ढाबों से प्रशासन प्रतिदिन 100 रुपये का शुल्क वसूल करेगा। यही नहीं कांवड़ बिक्री का दस फीसदी भी बतौर सफाई शुल्क लिया जाएगा।

कांवड़ मेले को लेकर यह निर्णय स्वयं मुख्यमंत्री हरीश रावत की अध्यक्षता में देहरादून में हुई एक बैठक में लिया गया है। इस बैठक में यह भी तय हुआ कि यह शुल्क नगर निगम हरिद्वार वसूलेगा और हरिद्वार विकास प्राधिकरण को देगा।

इससे पहले भी कांवड़ पटरी मार्ग पर लगने वाली दुकानों और ढाबों से नगर निगम वसूली करता था। पिछले सालों के दौरान भी कांवड़ मेलों में नगर निगम की ओर से इन दुकानों और ढाबों से 20 से 25 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वसूली की जाती थी। लेकिन, अब इसे बढ़ाकर 100 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है।

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हालांकि बैठक में यह तय नहीं हुआ कि कितने रुपये इनसे वसूले जाएंगे, यह तय करने की जिम्मेदारी आयुक्त गढ़वाल मंडल को दी गई है। लेकिन, नगर निगम हरिद्वार से मिली जानकारी के अनुसार 100 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तय किया गया है।

मेयर मनोज गर्ग ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सरकारी निर्णय के अनुसार नगर निगम को कांवड़ पटरी मार्ग पर लगने वाली दुकानों-ढाबों से 100 रुपये प्रतिदिन वसूल कर एचआरडीए के खाते में जमा कराने होंगे। उन्होंने बताया कि कांवड़ बिक्री का दस फीसदी बतौर सफाई कर वसूला जाएगा।