रामगढ़ से 12वीं की छात्रा का अपहरण कर लाए हल्द्वानी, धरे गए

हल्द्वानी।… रामगढ़ से स्कूल जा रही 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली लड़की का तीन लड़कों ने अपहरण कर लिया। वह छात्रा को हल्द्वानी से एक कार में ले जाने की कोशिश में थे। तभी ड्राइवर को शक हो गया और उसने कार सीधे चौकी में खड़ी कर दी। कुछ ही देर में मामले का भंडाफोड़ हो गया।

परिजन मौके पर पहुंच गए और इधर पुलिस मुख्य आरोपी को छोड़ने की कोशिश में लग गई। इस पर विधायक दान सिंह भंडारी भी मौके पर पहुंच गए। बात बढ़ी तो पुलिस ने तीन घंटे लुकाछिपी खेलने के बाद आरोपियों को पटवारी के सुपुर्द कर दिया।

नैनीताल जिले की सीमा के रामगढ़ क्षेत्र स्थित लोस्ज्ञानी के पास इन दिनों एडीबी का काम चल रहा है। जिसमें 70 के करीब लोग काम कर रहे हैं। इनमें इंचार्ज बताया जाने वाला रामबीन, ड्राइवर राहुल व एक अन्य है। यहीं पास के एक गांव में बारहवीं की छात्रा रहती है, जो घर से आठ किलो मीटर दूर एक स्कूल में पढ़ती है।

बताया जाता है कि रोज की तरह छात्रा घर से स्कूल जाने के लिए निकली। तभी पहले से घात लगाए बैठे तीनों युवकों ने उसे दबोच लिया। इससे पहले कि लड़की कुछ समझ पाती युवकों ने उसका मुंह दबा लिया और चीखने चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी दी।

लड़की की मानें तो धमकी के बूते तीनों युवक उसे हल्द्वानी ले आए। यहां से लकड़ी को ले जाने के लिए तीनों ने एक टैक्सी किराए पर बुक की। इससे पहले कि kidnapped_girlतीनों शहर से निकल पाते, टैक्सी ड्राइवर को लड़कों पर शक हो गया। बुकिंग कर चारों को उसने टैक्सी में बैठा लिया, लेकिन शहर से बाहर ले जाने के बजाय उसने टैक्सी भोटियापड़ाव चौकी में खड़ी कर दी।

मामला समझ में आते ही पुलिस ने तीनों को हिरासत में ले लिया और सूचना लड़की के परिजनों को दे दी। कुछ ही घंटे में लड़की के पिता गांव वालों के साथ चौकी आ पहुंचे। लोग आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। अब लड़की के पिता की मानें तो पुलिस रामबीर पर कार्रवाई नहीं करना चाहती थी। जिसके चलते चौकी में दो घंटे तक जद्दोजहद चलती रही।

बात नहीं बनी तो लोगों ने विधायक दान सिंह भंडारी को भी मौके पर बुला लिया। जिसके बाद मामला गर्मा गया। बात बिगड़ी तो भोटियापड़ाव पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर कोतवाली जा पहुंची। पीछे से विधायक व अन्य लोग भी जा पहुंचे। विधायक दान सिंह भंडारी व ब्लाक प्रमुख लाखन नेगी का कहना था कि पुलिस मुख्य मुल्जिम को ही बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन ऐसा होने नहीं दिया जाएगा।

उधर कोतवाल आरएस मेहता का कहना है कि मामला पटवारी क्षेत्र का है और तीनों आरोपियों को पटवारी के सुपुर्द कर दिया है। चूंकि रात में आरोपियों को रखने की दिक्कत थी। सो, उन्हें कोतवाली में रखा गया है।

विधायक दान सिंह भंडारी की बात मानें तो पकड़े गए तीनों आरोपियों में से एक का भी सत्यापन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि एडीबी के तहत 70 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं, लेकिन एक का भी सत्यापन नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि रामगढ़ में क्षेत्र व आसपास में सत्यापन की स्थिति बेहद खराब है।