कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने ट्वीट करते हुए कहा, ‘एक इंसान को फांसी पर चढ़ाए जाने की खबर से दुखी हूं। राज्य समर्थित कत्ल ने हमें भी कातिलों की कतार में खड़ा कर दिया है।


यही नहीं थरूर ने लिखा कि सजा-ए-मौत से कोई बचाव होता है ऐसा कोई सुबूत नहीं है। उन्होंने लिखा, हमें आतंकवाद से लड़ना चाहिए, लेकिन इस तरह से फांसी दिए जाने से कहीं भी आतंकी घटनाएं नहीं रोकी जा सकती।


कांग्रेस नेता और पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी याकूब मेमन को फांसी दिए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने ट्वीट करके कहा, ऐसा ही कमिटमेंट सरकार और न्याय व्यवस्था अन्य मामलों में भी दिखाया जाएगा। उसमें किसी भी तरह के जात-पात या धर्म को लेकर पूर्वाग्रह नहीं दिखाया जाएगा।


दिग्विजय सिंह ने ट्वीट करके कहा, ‘क्या इत्तेफाक है कि आज भारत के दो मुस्लिमों को दफनाया जाएगा। एक डॉ. कलाम, जिन्होंने हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा उठा दिया और दूसरा याकूब मेमन, जिसका संबंध आतंकवादियों के साथ था।’