देव संस्कृति विश्वविद्यालय ने मनाया 27वां ज्ञान दीक्षा समारोह

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय में रविवार को 27वें ज्ञान दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में उत्तराखंड सरकार के शहरी एवं विकास मंत्री प्रीतम सिंह पवार ने मुख्य अतिथि की भूमिका निभाई।

मंत्री ने कहा, ‘‘देवभूमि उत्तराखंड में देव संस्कृति विश्वविद्यालय का होना एक गौरव की बात है। जिस तरह राष्ट्र धर्म निभाने, संस्कृति के प्रचार के लिए सेवाभावी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, उससे विश्वविद्यालय का ही नहीं, अपितु देश का नाम भी ऊंचा हो रहा है।’’

इस समारोह में विश्वविद्यालय में संचालित सभी 39 पाठ्यक्रमों में प्रवेश पाकर आए छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावक, शांतिकुंज-देवसंस्कृति विश्वविद्यालय परिवार के सदस्य, पुलिस अधिकारी समेत कई लोग उपस्थित रहे।

विश्वविद्यालय के कुलाधिपति प्रणव पंड्या ने कहा, ‘‘यदि विद्यार्थी अपने शिक्षक में और शिक्षक अपने विद्यार्थी में गुरु-शिष्य के पवित्र भाव से आगे बढ़े, तो वह महामानव बनने की दिशा में अग्रसर हो सकता है।’’

उन्होंने कहा कि ऐसे ही पवित्र भाव को लेकर ऋषिसत्ता की परिकल्पना को साकार करने के लिए विश्वविद्यालय कटिबद्ध है। पंड्या ने प्राचीनतम से लेकर आधुनिकतम मार्मिक उदाहरणों के साथ युवाओं को जीवन लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरणा दी।

कुलाधिपति पंड्या ने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश प्राप्त विद्यार्थी के लिए प्रथम दिन महत्वपूर्ण होता है। इसीलिए जिस तरह देव संस्कृति विश्वविद्यालय में प्रथम दिन को ज्ञान दीक्षा महापर्व के रूप में मनाया जाता है, उससे हर विद्यार्थी के अंदर में एक क्रांति का बीज अंकुरित होता है और यही बीज आगे चलकर महामानव, आदर्शवान और चरित्रवान नागरिक के रूप में समाज के सामने आता है।