टिहरी : घनसाली के एक घर में घुसा गुलदार, 20 घंटे तक अटकी रही सबकी सांसें

टिहरी जिले में घनसाली मुख्य बाजार स्थित एक व्यापारी के घर में घुसे गुलदार ने 20 घंटे तक लोगों और वन विभाग की सांसें अटकाए रखीं। देहरादून से यहां पहुंची वन विभाग की टीम ने रविवार शाम करीब छह ट्रंकुलाइज कर गुलदार पर काबू पाया।

कमरे में गुलदार का व्यापारी के बेटे से आमना-सामना भी हुआ, लेकिन गुलदार के दूसरे कमरे में आने पर व्यापारी के बेटे ने खुद को भीतर वाले कमरे में बंद कर लिया। करीब दो घंटे बाद कमरे की दीवार तोड़कर उसे सही-सलामत निकाला गया।

घनसाली बाजार में चंदू का तीन मंजिला घर है। निचले हिस्से में उसकी मीट (मटन) की दुकान है। तीसरी मंजिल पर बने दो कमरों में उसका बेटा अंकित रहता है। शाम के वक्त किसी समय यहां भीतर वाले कमरे में गुलदार घुस गया। इसका पता शनिवार रात करीब दस बजे उस समय चला जब अंकित दुकान पर बंद कर सोने के लिए तीसरी मंजिल पर पहुंचा।

जैसे ही वह बाहर के कमरे के दरवाजे की कुंडी चढ़ाकर भीतर वाले कमरे की देहरी पर पहुंचा, तभी कमरे में बैठा गुलदार बाहर की तरफ आ गया। गुलदार की मौजूदगी से बेखबर अंकित ने आनन-फानन में खुद को भीतर वाले कमरे में बंद कर लिया। जबकि, गुलदार दूसरे कमरे में बेड की नीचे बैठ गया।

इसी बीच, अंकित ने मोबाइल से पिता चंदू को इसकी जानकारी दी। इस पर आसपास के लोगों के साथ परिजन वहां पहुंच गए। कुछ ही देर में एसडीम जगदीश लाल के नेतृत्व में वन विभाग व पुलिस टीम भी पिंजरे के साथ वहां पहुंच गई। लेकिन, संकरी जगह की वजह से पिंजरा नहीं लगाया जा सका।

भीतर एक कमरे में गुलदार गुर्रा रहा था, तो दूसरे कमरे में अंकित जान बचाने के लिए शोर मचा रहा था। रात करीब 12 भीतर वाले कमरे की पिछली तरफ की दीवार तोड़कर अंकित को सही सलामत बाहर निकाला गया। रातभर पुलिस और वन विभाग की टीम वहीं पहरा देती रही।

रविवार सुबह रेंज अधिकारी केएस भंडारी ने देहरादून से विशेषज्ञों की टीम बुलवाई। शाम करीब पांच बजे ट्रंकुलाइज गन के साथ विशेषज्ञ पहुंचे। खिड़की से रास्ते उन्होंने गुलदार को बेहोश किया, लगभग पौन घंटे बाद वह उसे पिंजरे में कैद करने में कामयाब हुए। तब जाकर अफसरों और इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली।