मुख्यमंत्री हरीश रावत ने की घोषणा, उत्तराखंड में भी बनेगा युद्ध स्मारक

देहरादून।… उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने रविवार को कहा कि सैनिकों की भावनाओं के अनुरूप राज्य में युद्ध स्मारक बनाया जाएगा और उसके लिए जमीन ढूंढने हेतु सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह रावत की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर दी गयी है।

देहरादून में शौर्य दिवस पर एक कार्यक्रम में कारगिल शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में युद्ध स्मारक के लिए गठित तीन सदस्यीय समिति में अन्य सदस्य राज्य सैनिक कल्याण परिषद के अध्यक्ष गंभीर सिंह नेगी तथा मुख्य सचिव एन. रविशंकर होंगे।

उन्होंने कहा कि युद्ध स्मारक के लिए उपयुक्त भूमि अगर हमें नहीं मिल पाई तो राज्य सरकार इसके लिए भूमि खरीदने को भी तैयार है। राज्य सरकार के संसाधन सीमित हैं लेकिन सैनिकों के प्रति हमारी भावनाएं असीमित हैं और सैनिक कल्याण के क्षेत्र में उत्तराखण्ड एक अनुकरणीय राज्य के रूप में दिखेगा।

उन्होंने कहा कि देश के लिए शहादत की परम्परा निभाने में उत्तराखण्ड के वीर सैनिक हमेशा आगे रहे हैं और हमारी सरकार इस गौरवशाली सैन्य परम्परा को सलाम करती है।

रावत ने राज्य सैनिक कल्याण परिषद सैनिकों के हित में काम कर सके और सैनिकों व पूर्व सैनिकों के लिए प्रारम्भ की गई योजनाओं की निगरानी कर सके, इसके लिए परिषद को एक स्वायत्तशासी संस्था बनाने और इसके अध्यक्ष को कैबिनेट मंत्री का स्तर देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि वन रैंक वन पेंशन पर राज्य सरकार केंद्र सरकार से अनुरोध करेगी।

सैनिक कल्याण मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने इस मौके पर बताया कि पूर्व सैनिकों के लिए काम करने वाली संस्था उपनल राज्य के प्रमुख शहरों में छात्रावास बनाएगा जिनमें सैनिक विधवाओं के बच्चों को निशुल्क जबकि सैनिकों व पूर्व सैनिकों के बच्चों को नाममात्र के शुल्क पर छात्रावास की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएगी।

रावत ने कहा कि सैनिक विधवाओं व अपंग सैनिकों के एसे बच्चे जो आई.आई.टी., एम.बी.बी.एस. व आई.एम.ए. में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें उपनल द्वारा एक लाख रुपये प्रति साल की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों के परिवारजनों, वीरता मेडल प्राप्त सैनिकों, पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया।