CM हरीश रावत ने ‘स्टिंग ऑपरेशन’ को बेबुनियाद और तथ्यहीन करार दिया

देहरादून।… आबकारी नीति में निजी शराब व्यवसायियों को फायदा देने के लिए कथित सौदेबाजी वाले ‘स्टिंग ऑपरेशन’ के सामने आने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इन आरोपों को ‘बिल्कुल गलत, बेबुनियाद और तथ्यहीन’ बताते हुए कहा कि अपने नेताओं के ऊपर लगे गंभीर आरोपों से देश और दुनिया का ध्यान हटाने के लिए बीजेपी ने इन्हें गढ़ा है।

यहां अपने आवास पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि उन्होंने साफ आडियो और वीडियो वाली सीडी की व्यवस्था किए जाने के आदेश अपने अधिकारियों को दिए हैं, जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजकर उसकी सत्यता का पता लगाया जाएगा और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बीजेपी द्वारा सामने लाए गए स्टिंग ऑपरेशन में आबकारी विभाग और मुख्यमंत्री के सचिव मोहम्मद शाहिद को व्यापार के लाइसेंस के लिए निजी शराब व्यवसायियों के साथ कथित सौदेबाजी करते दिखाया गया है।

रावत ने कहा, ‘सीडी में दिखाए जा रहे (सौदेबाजी) के आरोप बिल्कुल गलत, बेबुनियाद और तथ्यहीन हैं।’ उन्होंने कहा कि राज्य की आबकारी नीति में एफएल-2 का व्यवसाय मंडी परिषद और उसके सहायक के रूप में गढवाल मंडल विकास निगम और कुमाऊं मंडल विकास निगम जैसे राज्य सरकार के उपक्रमों के हाथों में है और इसमें निजी फर्मों की किसी भी प्रकार से भागीदारी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जब एफएल-2 के थोक व्यवसाय में केवल सरकारी उपक्रम ही शामिल हैं तो निजी डीलरों के साथ सौदेबाजी किए जाने का सवाल ही कहां पैदा होता है।’ उन्होंने कहा कि बीजेपी यह गलत प्रचार कर रही है कि उनकी सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव कर शराब का थोक व्यवसाय सरकारी उपक्रमों से वापस लेकर निजी हाथों में सौंप दिया है।

रावत ने कहा कि उन्होंने केवल देसी शराब की नीति में ही थोडा बहुत बदलाव किया है, जिसके तहत देसी शराब में पांच फीसदी हिस्सा टनकपुर और कर्णप्रयाग की पर्वतीय फल मंडियों से आने वाले फलों को डालने को जरूरी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टेलीविजन पर दिखाए जा रहे स्टिंग ऑपरेशन में आडियो और वीडियो दोनों ही स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने अधिकारियों को साफ आडियो और वीडियो वाली सीडी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि उसकी सत्यता परखने के लिए उसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सके।

यह पूछे जाने पर कि क्या स्टिंग ऑपरेशन में कथित सौदेबाजी करते दिखायी दे रहे उनके सचिव मोहम्मद शाहिद के खिलाफ कोई कार्रवााई की जाएगी, रावत ने कहा, ‘पहले जांच होगी और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’

मुख्यमंत्री ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उन्होंने सीडी का सत्यापन नहीं किया है और न ही यह बताया है कि यह सीडी कहां और कब रिकॉर्ड की गई। उन्होंने कहा, ‘बीजेपी को साहस दिखाना चाहिए कि यह सीडी कब और कहां रिकॉर्ड की गई, ताकि वीडियो की सत्यता कुछ हद तक तो स्थापित हो।’

रावत ने कहा कि ये आरोप ऐसे समय सामने आए हैं जब बीजेपी के कई नेताओं पर ललितगेट से लेकर व्यापमं तक के गंभीर आरोप लगे हुए हैं और उनसे देश और दुनिया का ध्यान हटाने के लिए ही बीजेपी ने इन्हें गढ़ा है। यह पूछे जाने पर कि इन आरोपों पर उनकी अपनी कांग्रेस पार्टी का क्या रुख है, रावत ने कहा, ‘मेरी पार्टी और मेरे साथियों को पूरा विश्वास है कि रावत ऐसा कोई कार्य नहीं कर सकते।’