महिलाओं ने शराबियों की ली अच्छी खबर, बिच्छू घास से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

उत्तराखंड में चमोली जिले में घाट ब्लॉक के कांडई पुल बाजार में महिलाओं ने शराब के विरुद्ध जबरदस्त अभियान छेड़ी दिया है। महिलाओं ने पहाड़ों में उगने वाली जंगली बिच्छू घास (सिसौंण) को हथियार बनाया है। नशे में धुत्त लोगों को उन्होंने बिच्छू घास से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।

एक हफ्ते पहले ही कांडई पुल के करीब विदेशी शराब की दुकान खोले जाने का महिलाओं ने घोर विरोध किया था। तब से स्थानीय महिलाएं क्षेत्र में शराब के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन चला रही हैं।

सोमवार शाम को महिलाओं ने कांडई पुल के इर्द-गिर्द जिस भी व्यक्ति को शराब के नशे में पाया, उसे बिच्छू घास से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। महिलाओं ने कांडई पुल बाजार के व्यवसायियों से भी लिखित पत्र मांगा कि किसी भी व्यक्ति को शराब के नशे में पनाह नहीं देंगे। bichchhu-ghas1और न ही क्षेत्र में विदेशी शराब की दुकान खोलने के लिए अपने मकान किराए पर दिए देंगे।

जिला पंचायत सदस्य माहेश्वरी कन्याल और लक्ष्मी जोशी ने कहा कि क्षेत्र में किसी भी हालात में शराब की दुकान नहीं खुलने दी जाएगी। जो भी व्यक्ति क्षेत्र में शराब के नशे पाया जाएगा, उसे बिच्छू घास से दंडित किया जाएगा।

महिलाओं ने शराब विरोधी मुहिम को सफल बनाने के लिए डीएम से भी सहयोग मांगा है। उन्होंने मांग की कि जिला आबकारी विभाग के अधिकारियों की क्षेत्र में नियमित गश्त लगवाई जाए।

बिच्छू घास (सिसौंण) असल में पहाड़ों में उगने वाली एक प्रकार की जंगली घास है। अगर यह शरीर के किसी अंग से छू भी जाय तो उस जगह पर बहुत तेज खुजली होने लगती है। सर्दियों में इसकी सब्जी भी बनाई जाती है और इसका उपयोग औषधि बनाने में भी किया जाता है।