समूचे पहाड़ी क्षेत्र में रात से ‘आफत की बारिश’ जारी, पिथौरागढ़ में मकान ढहा

पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से समूचे उत्तराखंड में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। बद्रीनाथ व गंगोत्री हाईवे फिर से मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। हालांकि बद्रीनाथ सहित केदारनाथ, हेमकुंड, यमुनोत्री यात्रा जारी है। उधर कुमाऊं के पिथौरागढ़ में एक मकान गिरने से मलबे में दबकर तीन लोग घायल हो गए।

चमोली जिले में भी मंगलवार पूरी रात बारिश के बाद सुबह धूप खिली तो लोगों ने राहत की सांस ली। बद्रीनाथ हाईवे नंद्रप्रयाग के करीब परथाडीप व मैठाणा में मलबा आने से बंद हो गया। साथ ही जिले के 23 संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हैं। बारिश से गोपेश्वर नाले का पानी रामपुरा गांव के घरों में घुसने से लोगों में अफरातफरी मच गई।

जोशीमठ से आगे बद्रीनाथ व हेमकुंड साहिब यात्रा जारी है। 172 यात्रियों का जत्था गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुआ। जोशीमठ से 60 यात्री बद्रीनाथ के लिए रवाना हुए। नंदप्रयाग में यात्रियों को अब भी सड़क खुलने का इंतजार है।

रुद्रप्रयाग जिले में मंगलवार रात लगातार हो रही बारिश सुबह करीब दस बजे थमी। गौरीकुंड हाईवे सोनप्रयाग तक खुला हुआ है। वहीं, बारिश को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से सोनप्रयाग में केदारनाथ के लिए यात्रियों का दल तीन घंटे तक रुका रहा। बारिश थमने के बाद 144 यात्री केदारनाथ के लिए पैदल रवाना हुआ।

उत्तरकाशी में भी बुधवार सुबह से ही लगातार बारिश जारी रही। भूस्खलन के चलते गंगोत्री हाईवे धरासू बैंड, नैताला, गणेशपुर, भाटुका सौड, लालढांग व मल्ला में अवरुद्ध हो गया। वहीं, यमुनोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु है।

टिहरी जिले में कई जगहों पर सुबह से हल्की बारिश हो रही है। जिले के छह संपर्क मार्ग अब भी बंद हैं। देहरादून जिले के मसूरी में भी रात से मूसलाधार बारिश हो रही है। देहरादून के पछवादून क्षेत्र में विकासनगर, चकराता, कालसी आदि जगहों पर सुबह से बारिश हो रही है। मलबा आने से कालसी-चकराता मार्ग बंद है। देहरादून में भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है।

पिथौरागढ़ में रात से भारी बारिश के चलते गोरिछाल के चामी लुंगती गांव में एक मकान ढह गया। इससे तीन लोग मलबे में दब गए। ग्रामीणों ने तीनों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया। थल-मुनस्यारी, मदकोट-जौलजीबी और तवाघाट-गर्बा मार्ग मलबा आने से बंद हो गए। बागेश्वर जिले में सुबह से बारिश हो रही है। चंपावत व अन्य जगहों पर बादल छाए हुए हैं।