नौकरी पाने के लिए बना मुख्यमंत्री का ‘फर्जी’ ओएसडी, देर रात गिरफ्तार

मुख्यमंत्री हरीश रावत का ओएसडी बनकर अपर सचिव स्वास्थ्य को कॉल करने वाले आरोपी को पुलिस ने सोमवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने मुख्यमंत्री के ओएसडी संजय चौधरी के नाम से स्वास्थ्य अपर सचिव को फोन करके विभाग में फार्मेसिस्टों के पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को कहा था।

एसएसपी पुष्पक ज्योति ने इस मामले बताया कि 15 जुलाई की रात को अपर सचिव स्वास्थ्य एवं निदेशक एनआरएचएम नीरज खैरवाल को मुख्यमंत्री के ओएसडी संजय चौधरी के नाम से फोन आया। फोन पर निदेशक को महकमे में संविदा पर कुछ फार्मेसिस्टों की नियुक्ति करने और राज्य में अलग-अलग हिस्सों में चार से पांच स्वास्थ्य शिविर लगाने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि फोन कॉल करने वाले शख्स ने इन स्वास्थ्य कैंपों में अपने लोगों को एडजस्ट करने के भी निर्देश निदेशक को दिए थे। बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति ने एनआरएचएम में नियुक्तियों की गोपनीय जानकारी भी मांगी। कॉल के बाद निदेशक नीरज खैरवाल ने नंबर वेरिफाइ किया तो पाया यह नंबर मुख्यमंत्री के ओएसडी संजय चौधरी का नहीं था। उन्होंने इस मामले में चौधरी से बात की तो उन्होंने फोन करने की बात से इनकार किया।

सोमवार देर रात ओएसडी संजय चौधरी की ओर से डालनवाला थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। शिकायत में उन्होंने बताया कि कोई उनके नाम से आइएएस अफसरों और अन्य अधिकारियों को फर्जी कॉल कर रहा है। मामले में पुलिस ने एसटीएफ की मदद लेते हुए नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया।

सोमवार देर रात करीब एक बजे रायपुर से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर अनिल जोशी के नेतृत्व में टीम की ओर से गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान सुरेश अंदोला के रूप में हुई है। पिथौरागढ़ निवासी सुरेश बेरोजगार फार्मेसिस्ट है और इन दिनों रायपुर में किराये के कमरे में रह रहा था।

पुलिस ने देर रात ओएसडी की तरफ से सुरेश के खिलाफ जालसाजी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। एसएसपी पुष्पक ज्योति ने गिरफ्तारी की पुष्टि और कहा कि मंगलवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।