आपदा में भारी नुकसान झेल चुके किसानों का कर्ज होगा माफ

रानीखेत।… बादल फटने से तबाह अल्मोड़ा जिले के ताड़ीखेत की सुदूर ग्राम पंचायत मटेला व मुसोली के बगवान व विशालकोट में हल्दियानी तोक के किसानों का कर्ज माफ किया जाएगा। वहीं मनरेगा, कृषि व भूमि संरक्षण महकमा मिलकर आपदा की भेंट चढ़ी उपजाऊ जमीन के सुधार कार्य करेंगे।

बरसाती गधेरे के 200 मीटर ऊपर व निचले भूभाग पर सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे ताकि भावी संकट से पार पाया जा सके। पिछले गुरुवार आधी रात को ताड़ीखेत विकासखंड के बगवान, मुसोली, हल्दियानी आदि गांवों में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। खासतौर पर कृषि भूमि को खासा नुकसान हुआ था।

बादल फटने से करीब 900 नाली उर्वर खेत रोखड़ में तब्दील हो गए। कई पेयजल, लघु सिंचाई व सिंचाई के टैंक व नहरें भी ध्वस्त हो गई थीं। मुख्यमंत्री हरीश रावत के निर्देश पर बतौर प्रतिनिधि पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, कांग्रेस प्रदेश महामंत्री करन माहरा व ब्लॉक प्रमुख रचना रावत तथा विभागीय अधिकारी रविवार को आपदा प्रभावित इलाकों में पहुंचे।

अतिवृष्टि में कृषि भूमि गवां चुके किसानों ने टीम के सामने कर्ज माफी का मुद्दा जोरशोर से उठाया। फसली बीमा के लिए संबंधित कंपनियों से बात करने का आश्वासन देते हुए पूर्व विधायक करन माहरा ने मौके पर ही मुख्यमंत्री से फोन पर बात की। इस पर मुख्यमंत्री ने कर्ज माफ कर, आपदा प्रभावितों को मुआवजे की घोषणा की। साथ ही महकमों से आंकणन तैयार कर भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ध्वस्त पेयजल योजनाएं, नहरें, टैंक आदि के साथ ही बर्बाद हुई खेती के सुधार कार्य मनरेगा, कृषि व भूमि संरक्षण विभाग मिलकर करेंगे। उधर कहर बरपा चुके बरसाती गधेरे के 200 मीटर ऊपर व निचले भूभाग पर सुरक्षात्मक कार्य भी कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर पहुंची टीम ने दुर्गम में डेरा डाल समस्याएं सुनीं। बगवान के मुसोली, मटेला, तल्ला व मल्ला म्यूं, नौघर आदि गांवों में पहुंचे जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को किसानों ने बीमा की समस्या से अवगत कराया। किसानों ने कहा कि फसल नुकसान का मुआवजा व बीमा मुहैया कराने संबंधी नियमों को और सरल किए जाने की जरूरत है, ताकि पहाड़ के छोटे काश्तकारों को भी मरहम लग सके। इस पर प्रस्ताव बना सीएम को भेजने का भरोसा दिलाया गया।