एक और आफत : रुद्रप्रयाग में भूकंप से तबाही, कई मकान ढहे

रविवार सुबह 5.18 बजे उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में रुद्रप्रयाग से लेकर केदारनाथ तक भूकंप के झटके महसूस किया गए। कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। इस दौरान जान बचाने की हड़बड़ी में अगस्त्यमुनि के एक गांव में एक वृद्धा मकान के ऊपरी माले से नीचे उतरते समय गिर गई, जिससे उसका एक पैर फ्रैक्चर हो गया। उधर चंद्रनगर क्षेत्र में किंज्याणी गांव में दो मंजिला गोशाला के ढहने से उसमें बंधे तीन मवेशी बुरी तरह से घायल हो गए।

ग्रामीणों की मदद से मवेशियों को बाहर निकाला गया। जखोली ब्लाक के भूस्खलन प्रभावित गांव पांजणा में एक आवासीय मकान की पिछली दीवार ढह गई। गांव में दो अन्य मकानों के आगे के पुश्ते भी भूकंप के झटके के बार भरभरा कर ढह गए, जिससे घरों को खतरा पैदा हो गया है।

दूसरी तरफ केदारनाथ धाम में तैनात निम, पुलिस और बीकेटीसी के लोगों ने भूकंप का झटका महसूस किया। पुलिस चौकी प्रभारी विपिन चंद्र पाठक और NIM के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि हल्का कंपन महसूस किया। बताया कि धाम में स्थिति पूरी तरह से सामान्य है।

जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर ने बताया कि जिले में भूकंप से जिले में किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। छिटपुट कहीं कोई नुकसान हुआ हो, तो इस संबंध में संबंधित तहसील व राजस्व पुलिस को क्षाति का जायजा लेने के लिए निर्देशित कर दिया गया है।

उधर, गोपेश्वर में भी रविवार सुबह 5.18 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का एहसास होते ही लोग घरों से बाहर निकल कर छतों पर आ गए। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में साल 2013 की आपदा से मकानों में दरारें पड़ी हैं। अब रह-रहकर आ रहे भूकंप के झटकों से ग्रामीणों में भय बना है।

घाट ब्लॉक के महावीर सिंह का कहना है कि भूकंप से रसोई में रखी थाली नीचे गिरने लगी तो घरों से बाहर की ओर दौड़े। नंदप्रयाग निवासी सुभाष का कहना है कि मकान पर साल 2013 की आपदा में चारों तरफ दरारें पड़ी हुई हैं। रविवार को सुबह आए भूकंप के झटके से दरारें बढ़ गई हैं।

जिससे अब कमरों में जाने से भी डर लग रहा है। गोपेश्वर निवासी दिलबर सिंह का कहना है कि भूकंप का झटका महसूस होते ही कमरे से बाहर निकल गए। भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन नुकसान नहीं हुआ।

गोपेश्वर के वसंत विहार मोहल्ला निवासी अशोक नैनवाल का कहना है कि आपदा से भवन को नुकसान हुआ था, लेकिन भूकंप से नुकसान का दायरा बढ़ रहा है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग को भी कई बार भवन के स्थलीय निरीक्षण के लिए कहा लेकिन अभी तक स्थिति जस की तस है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि भूकंप से कहीं भी कोई अप्रिय घटना की शिकायत नहीं मिली है। भूकंप की तीव्रता कम थी, हालांकि लोगों को सचेत रहने के लिए कहा गया है।