गुलदार का आतंक : गोशाला तोड़कर मार डाली 10 बकरियां, 70 हजार का नुकसान

उत्तराखंड के गांवों में गुलदार आतंक का दूसरा नाम बन गया है। टिहरी जिले में नई टिहरी के बडियारगढ़ इलाके के छोटा पाब गांव में मंगलवार रात गुलदार ने गोशाला तोड़कर 10 बकरियों को मार डाला। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में गोशाला तोड़ने की सिर्फ दो महीने में यह दसवीं घटना है। सूचना मिलने पर वन विभाग और पशुपालन विभाग के कर्मचारी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने गुलदार पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाने की मांग की है।

खबर के अनुसार, 14/15 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे गुलदार बचन सिंह की गोशाला तोड़कर अंदर घुस गया। जंगली जानवर एक-एक कर 10 बकरियां मार डालीं। बचन सिंह ने जब शोरगुल सुना, तो वह कमरे से बाहर आ गया। जब तक वह नीचे उतरा, गुलदार भाग गया था।

इस घटना में बचन सिंह की करीब 70 हजार रुपये की बकरियां मारी गईं। उसने वन विभाग से उचित मुआवजा देने की मांग की। ग्रामीण बलदेव सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले गुलदार ने दो कमरों के दरवाजे तोड़कर 30 मुर्गे मार दिए थे। वन क्षेत्राधिकारी केएस रावत के अनुसार वन दारोगा को गांव में भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद मुआवजे के संबंध में कार्रवाई की जाएगी।

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देवप्रयाग क्षेत्र में भी नरभक्षी गुलदार को मारने के आदेश नहीं देने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे जाम कर तहसील मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि वन विभाग ग्रामीणों के जीवन को खतरे में डाल रहा है। उन्होंने 24 घंटे में गुलदार को मारने के आदेश नहीं देने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी है।

नौ जुलाई को भटकोट गांव में भी गुलदार ने एक महिला को अपना शिकार बना दिया था। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक ने गुलदार को मारने के आदेश अब तक नहीं दिए हैं। बमाणा के ग्राम प्रधान रतन सिंह राणा ने चेतावनी दी कि 24 घंटे के भीतर गुलदार को मारने के आदेश नहीं दिए गए तो वह तहसील परिसर में आमरण अनशन शुरू कर देंगे।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य केके कोठियाल ने बताया कि गुलदार किसी और को निवाला बनाए उससे पहले उसे मार दिया जाए। ग्रामीणों ने गुरुवार को फिर चक्काजाम की चेतावनी दी है। छात्रसंघ अध्यक्ष अरविंद जियाल ने भी ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया है।