मैगी के सैंपल फेल हुए तो बैन लगा दिया, …तो क्या अब दूध पर प्रतिबंध लगेगा

पिछले दिनों उत्तराखंड सहित देशभर में मैगी के नमूनों में एमएसजी पाया गया तो उसे प्रतिबंधित कर दिया गया। लेकिन अब बड़ा सवाल ये है कि दूध के नमूने फेल पाए गए हैं तो क्या दूध पर भी बैन लगाया जाएगा या लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ मैगी से नहीं तो दूध से जारी रहेगा…

खाद्य सुरक्षा विभाग ने रुद्रप्रयाग जिले के विभिन्न स्थानों से मैगी व अमूल दूध सहित 18 नमूने लिए गए थे। इनमें से चार की रिपोर्ट रुद्रपुर लैब से आ गई है। इस रिपोर्ट में मैगी नूडल्स व अमूल दूध के नमूने फेल पाए गए हैं। जबकि नमक व नमकीन के नमूने ठीक पाए गए।

विभाग की ओर से संबंधित खाद्य विक्रेताओं को नोटिस जारी कर दिया गया है। चारधाम यात्रा को देखते खाद्य सुरक्षा विभाग ने पिछने महीने जिला मुख्यालय के साथ-साथ केदारनाथ यात्रा के विभिन्न पड़ावों से मैगी नूडल्स, अमूल दूध, नमकीन, नमक, कुरकुरे, कोल्ड ड्रिंक समेत कुल 18 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे।

इन नमूनों को टेस्ट के लिए रुद्रपुर लैब भेजा गया था। भेजे गए 18 सैंपल में से चार की जांच खाद्य सुरक्षा विभाग को मिल चुकी है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ए.एस. रावत ने बताया कि 18 में से चार सैंपल जांच के बाद वापस आ गए हैं। इनमें नमकीन व नमक के नमूने सही पाए गए हैं। जबकि मैगी व अमूल दूध के सैंपल जांच में सही नहीं पाए गए।

उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत धारा 46/4 के तहत संबंधित विक्रेताओं को नोटिस जारी किए गए है। नमूने अब भी सुरक्षित हैं। यदि विक्रेता एक महीने के भीतर कोर्ट में अपील करना चाहें तो नमूनों को फिर से लैब भेजा जा सकता है। इसके बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।