नौ साल बाद फिर शुरू होगा डोबरा चांठी पुल का निर्माण कार्य

टिहरी गढ़वाल में प्रतापनगर की लाइफलाइन कहा जाना वाला डोबरा चांठी पुल का निर्माण कार्य आज भी अधूरा है। इसे बनाने का निर्णय नौ साल पहले लिया गया था। लेकिन पुल के नाम पर यहां सिर्फ दो टॉवर ही खड़े हैं। पुल निर्माण लंबे समय से अधर में लटके रहने की वजह से स्‍थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बता दें कि टिहरी झील बनने के बाद से नई टिहरी से प्रतापनगर की दूरी कम करने के लिए 2006 में डोबरा चांठी पुल बनाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए 2007-08 में सर्वे किया गया और इस्टिमेट का कार्य शुरू हुआ।

लेकिन आईआईटी रुड़की और खड़गपुर के पुल के डिजाइन में गड़बड़ी की वजह से पुल का निर्माण कार्य अधर में लटक गया। करोड़ों खर्च होने के बावजूद पुल का डिजाइन फाइनल नहीं हो सका और पुल के नाम पर यहां केवल दो टॉवर खड़े कर दिए गए।

इसके बाद पुल के डिजाइन के लिए बाहरी कंपनी को टेंडर दिए गए, जिसके बाद कोरिया की योसिन कंपनी को पुल के डिजाइन की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस बारे में जब कोरिया से लौटे लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता एसके राय से इस बारे में बात की गई तो उन्‍होंने कहा कि अगले महीने 15 अगस्‍त से पुल का निर्माण कार्य फिर से शुरू हो जाएगा। अब देखना है कि प्रशासन अपने दावों पर कितना खरा उतरता है।