किलर ITBP जवान को लेकर मसूरी पहुंची पुलिस, LMG, कारतूस और वर्दी बरामद

आईटीबीपी के गारद कमांडर पर गोलियां बरसाकर मौत के घाट उतारने और एक जवान को घायल करने के आरोपी जवान चंद्रशेखर को लेकर पुलिस चंडीगढ़ से मसूरी पहुंच गई है। पुलिस ने आरोपी जवान की निशानदेही पर कंपनी गार्डन से एलएमजी, 90 कारतूस और वर्दी बरामद कर ली है।

देश की प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री प्रशासनिक अकादमी मसूरी की सुरक्षा में तैनात आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) के गारद कमांडर पर गोलियां दागकर मारने और एक जवान को घायल करने का आरोपी जवान चंद्रशेखर 36 घंटे बाद चंडीगढ़ के सेक्टर 36 में रविवार सुबह पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

हालांकि, चंडीगढ़ पुलिस ने उसे मसूरी फायरिंग की घटना के सिलसिले में गिरफ्तार नहीं किया था, चंड़ीगढ़ पुलिस तो इस मामले से अनजान थी। उसने संदिग्ध हरकतों के चलते उसे फ्रेग्रेंस गार्डन (पार्क) से गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सनसनीखेज घटना का पता चला। उसने यह भी बताया कि वारदात के बाद वह एलएमजी और कारतूस मसूरी में कंपनी गार्डन के करीब जंगल में छिपा आया है।

उसने चंड़ीगढ़ पुलिस के सामने ही यह भी खुलासा किया कि उसकी एसआइ सुरेंद्र लाल के साथ ही एएसआइ राकेश को भी ठिकाने लगाने की योजना थी। सोमवार को पुलिस की टीम आरोपी जवान को चंडीगढ़ से मसूरी तड़के चार बजे लेकर पहुंची।

पुलिस टीम ने उसकी निशानदेही पर कंपनी गार्डन के करीब जंगल में एलएमजी, कारतूस और वर्दी बरामद कर ली हैं।