क्राइम सीरियल देखकर लगाया मौसा पर रेप का आरोप, कोर्ट ने बरी किया

कोटद्वार।… पौड़ी जिला एवं सत्र न्यायाधीश कंवरसेन ने नाबालिग भतीजी के साथ तथाकथित रेप और पोक्सो के आरोपी मौसा को सुबूतों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट ने नाबालिग पीड़ित और गवाहों के बयान पर यह फैसला सुनाया।

पीड़िता ने कोर्ट से कहा कि वह पढ़ाई नहीं करना चाहती थी, जिससे बचने के लिए उसने मौसा पर गलत आरोप लगा दिए। यह बात उसके दिमाग में टीवी पर एक क्राइम सीरियल को देखने के बाद आई थी।

नौ दिसंबर, 2014 को शहर से सटे एक गांव में पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 साल की बच्ची के पिता ने कोटद्वार कोतवाली में बच्ची के साथ रेप की कोशिश, छेडख़ानी और पोक्सो में मुकदमा दर्ज कराया। आरोपी कोई बाहर का नहीं पीड़ित बच्ची का सगा मौसा बताया गया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी मौसा सोहन सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।

बच्ची की मां के मरने के बाद पिता ने उसे पढ़ाई के लिए मौसी के यहां भेज दिया था। जहां यह घटनाक्रम सामने आया। बचाव पक्ष के वकील अरविंद वर्मा ने बताया कि इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता समेत तीन गवाह पेश किए जिन्होंने घटना उनके सामने होने से इनकार किया।

कहा कि बच्ची ने पढ़ाई से बचने के लिए एक टीवी सीरियल के आधार पर अपने मौसा पर ये गलत आरोप लगा दिए थे। जिसकी जानकारी उन्हें मुकदमा दर्ज करने के बाद लगी।

जिला एवं सत्र न्यायालय ने कोटद्वार स्थित कैंप में यह फैसला सोमवार को सुनाया। कहा कि अभियोजन पक्ष इस मामले को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। मामले में दोनों पक्षों की दलीलें, तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी मौसा सोहन सिंह नेगी निवासी न्यू प्रताप नगर नजीबाबाद रोड कोटद्वार को सभी दोषों से मुक्त करते हुए बरी करने के आदेश दिए।