बारिश थमी और मौसम हुआ साफ, सूर्यदेव के दर्शनों के साथ फिर लगे केदारबाबा के जयकारे

कई दिनों तक मौसम की मार झेलने के बाद सोमवार को उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश से कुछ राहत मिली है। सुबह सूर्य नारायण के दर्शन होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि सोमवार को अस्थायी राजधानी देहरादून में बादल छाए रहे, लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में धूप खिलने के साथ ही लोगों के चेहरे भी खिल गए।

इसी के साथ अब चारधाम यात्रा भी पहले की तरह सुचारु हो गई है। पिछले दिनों लगातार होती बारिश के कारण समूचे उत्तराखंड में जनजीवन पटरी से उतर गया था। मैदानी इलाकों में जलभराव तो पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई थीं।

तीन दिन बाद लोगों को सूर्य देव के दर्शन हुए तो सभी ने राहत की सांस ली। बद्रीनाथ हाईवे लामबगड़ में बंद है, तीर्थयात्री पैदल ही अपने अराध्य के दर्शनों के लिए आगे बढ़ रहे हैं। केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड यात्रा भी सुचारु है। हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट से 100 से ज्यादा यात्री घांघरिया के लिए रवाना हुए।

चमोली जिले में रविवार रातभर हल्की बारिश के बाद सोमवार सुबह मौसम साफ रहा। रविवार को केदारघाटी में तड़के से होती तेज बारिश से सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए पैदल यात्रा तीन घंटे देर बाद शुरू हो पाई। जबकि यात्रियों का जमावड़ा सुबह 6 बजे से लगना शुरू हो गया था। मौसम में सुधार होने पर जिला प्रशासन के निर्देश पर करीब 9.30 बजे से पैदल यात्रा शुरू की गई।

दोपहर 12 बजे तक सोनप्रयाग से 320 यात्रियों को केदारनाथ के लिए रवाना किया गया। दोपहर एक बजे तक गौरीकुंड पहुंचे 223 यात्रियों को ही प्रशासन ने आगे जाने दिया। गौरीकुंड सेक्टर मजिस्ट्रेट राजपाल सिंह नेगी ने बताया कि खराब मौसम और समय अधिक होने से 97 यात्री पड़ाव पर ही रोके गए हैं। इन्हें मौसम ठीक होने पर सोमवार को पहले जत्थे के रूप में केदारनाथ के लिए रवाना किया जाएगा।

दूसरी ओर, गुप्तकाशी से अलग-अलग हेलीपैड से दो हेलीकॉप्टर से 114 यात्रियों ने केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किए। जबकि पैदल रास्ते से पहुंचे 124 श्रद्धालुओं ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद रविवार 12 जुलाई तक 1,13,516 श्रद्धालु बाबा केदारनाथ के दर्शन कर चुके हैं।

डीएम डॉ. राघव लंगर ने बताया कि केदारनाथ की यात्रा मौसम की स्थिति के हिसाब से संचालित की जा रही है। सोनप्रयाग से पैदल रास्ते पर यात्रियों को तब ही आगे बढ़ाया जा रहा है, जब मौसम ठीक होता है।

बारिश के बावजूद रविवार को बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा जारी रही। करीब 402 तीर्थयात्रियों ने बद्रीनाथ धाम में दर्शन किए। सोमवार की सुबह हेमकुंड साहिब के लिए गोविंदघाट से 100 से अधिक यात्री घांघरिया के लिए रवाना हुए। गोविंदघाट से 217 यात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए जो रात्रि प्रवास के लिए घांघरिया पहुंचे। 213 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के दर्शन कर अपने घरों को लौट गए हैं।

लामबगड़ गदेरे के पास वाहन नहीं चढ़ पाने के कारण यहां पर तीर्थयात्री वाहनों से उतर कर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। हेमकुंड साहिब में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश से धाम का पैदल रास्ता कई जगहों पर फिसलनभरा हो गया है।

जोशीमठ में बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब यात्रा का जिम्मा संभाले संयुक्त मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि बारिश के बीच ही दोनों धामों की यात्रा सुचारु है।

लामबगड़ गदेरे में सीमा सड़क संगठन ने पानी की निकासी के लिए हाईवे पर ह्यूम पाइप बिछाए जाने की योजना बनाई है। जल्द ही यहां पर हाईवे दुरुस्त कर लिया जाएगा। बैनाकुली में हो रहा भूस्खलन थोड़ा दिक्कत कर रहा है। यहां पर मलबा हटाने के लिए मशीनें और मजदूर हर वक्त तैनात किए गए हैं।