भूस्खलन से नैनीताल को खतरा, शनिवार को बलियानाला के ऊपर बड़ा हिस्सा खिसका

भूगर्भीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील नैनीताल शहर के बलियानाला के ऊपर रहीश होटल क्षेत्र में शनिवार को एक बार फिर भारी भूस्खलन हो हुआ, जिससे क्षेत्र के दर्जनों टिनशेड समेत जीआइसी नैनीताल के खेल के मैदान को खतरा पैदा हो गया। भूस्खलन से पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा बलियानाले में समा गया और पांच जलस्रोत फूट पड़े।

पिछले साल हुए भारी भूस्खलन के बाद इस क्षेत्र के 28 परिवारों को जेएनएनयूआरएम के अंतर्गत दुर्गापुर में बने आवासों में शिफ्ट कर दिया गया है। बाकी प्रभावितों के लिए जीआइसी के कमरों में रहने की व्यवस्था कर दी गई है। बलियानाला में लगातार दरक रही जमीन ने भूगर्भ विज्ञानियों व शहरवासियों को चिंता में डाल दिया है।

शनिवार सुबह करीब 11 बजे भूस्खलन के बाद चंद मिनटों में पहाड़ी का करीब 20 मीटर चौड़ा हिस्सा बलियानाले में समा गया और जल स्रोत फूट पड़े। खबर मिलने पर तल्लीताल थाने के एसआइ संजय बृजवाल पुलिस बल के साथ पहुंचे और कृष्णापुर क्षेत्र के रास्ते से जा रहे लोगों को सावधान किया।

सूचना पर एसडीएम विनोद कुमार, तहसीलदार बहादुर सिंह लटवाल भी पहुंचे और उन्होंने खतरे की जद में आए संदीप शर्मा के घर पहुंचकर घर खाली करने को कहा तो संदीप ने बिना आवास की व्यवस्था किए हटने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि वह सामान हटाने को राजी हो गया।

डीएम दीपक रावत हल्द्वानी कार्यक्रमों को रद्द कर मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र के निरीक्षण के बाद खतरे से घिरे परिवारों को तत्काल हटाने के आदेश दिए। विधायक सरिता आर्या ने भी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। डीएम समेत प्राधिकरण सचिव श्रीष कुमार ने सूखाताल क्षेत्र का दौरा कर डूब क्षेत्र में आ रहे प्रभावितों से बात की। साथ ही सूखाताल से संबंधित ऐतिहासिक तथ्यों की जानकारी मांगी।

बारापत्थर घोड़ा स्टैंड में अवैध रूप से बने घुड़सालों का निरीक्षण कर घोड़ा चालकों के लाइसेंसों की जांच पड़ताल की। घोड़ा चालक संघ अध्यक्ष लियाकत अली ने अतिक्रमण हटाने के लिए कुछ दिनों की मोहलत मांगी है। इसके बाद डीएम ने सात नंबर क्षेत्र का भी निरीक्षण किया।