पिथौरागढ़ : बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, आज भी भारी बारिश की आशंका

पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। यहां दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए, गनीमत ये रही कि परिवार के लोग सुरक्षित बच गए। जिले में चार सड़कें बंद होने से आवागमन ठप रहा। नदियों के जल स्तर में भी काफी इजाफा हुआ है।

शनिवार को भी जिलेभर में बारिश होती रही। भारी बारिश के चलते जिला मुख्यालय के पपदेव गांव में जानकी देवी के मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना के दौरान परिवार के लोग घर से बाहर निकल आए, जिससे कोई हानि नहीं हुई।

धारचूला के किमखोला गांव में हर्ष सिंह के मकान का आंगन बारिश के चलते धराशायी हो गया है, जिससे मकान खतरे में आ गया है। प्रशासन ने क्षति का आकलन करने के निर्देश राजस्व विभाग को दे दिए हैं।

धारचूला तहसील के अंतर्गत पांगला-गर्बाधार मोटर मार्ग शनिवार को भी आवागमन के लिए नहीं खुल पाया। भारी मलबा आ जाने से मार्ग जगह-जगह बाधित पड़ा है। लोगों को पैदल चलकर अपनी यात्राएं पूरी करनी पड़ी।

मुनस्यारी तहसील में हरड़िया नाले के पास आए मलबे को साफ करने के लिए लोक निर्माण विभाग को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। गंगोलीहाट तहसील के अंतर्गत गंगोलीहाट-बेरीनाग मोटर मार्ग में गुप्तड़ी के पास मलबा आ जाने से मार्ग बंद हो गया।

लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। भारत-नेपाल के बीच सीमा बनाने वाली काली नदी के जलस्तर में शनिवार को 0.40 मीटर की बढ़ोत्तरी हुई। काली नदी अब खतरे के निशान से मात्र एक मीटर नीचे बह रही है।

गोरी नदी का जलस्तर शनिवार को एक मीटर और बढ़ गया। नदियों में लगातार पानी बढ़ने से नदी तटों पर बसे कस्बों में डर का माहौल बना हुआ है। मौसम विभाग ने रविवार को भी जिले में बारिश की आशंका जताई है।