चम्पावत : चट्टान दरकने से झालाकुड़ी गांव अलग-थलग पड़ा, प्रशासन बेसुध

चम्पावत।… चल्थी क्षेत्र के ग्राम झालाकुड़ी का मुख्य रास्ता चट्टान दरकने से आए मलबे की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस वजह से यह गांव अलग-थलग पड़ गया है। मंदिर के लिए भी खतरा पैदा हो गया है। छोटी कक्षाओं के बच्चे तो स्कूल ही नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीण भी जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को विवश हैं।

टनकपुर चम्पावत हाईवे पर स्थित चल्थी क्षेत्र का झालाकुड़ी प्रमुख गांव है। गांव में पांच दर्जन से ज्यादा परिवार निवास करते हैं। गांव से चल्थी आने के लिए एकमात्र रास्ता है। ग्राम पंचायत झालाकुड़ी के उप-प्रधान महेंद्र सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले हुई तेज बारिश के कारण गांव के लेसटुकिया मंदिर की चट्टान दरक गई।

उन्होंने बताया कि काफी मात्रा में मलबा आने से रास्ता बंद हो गया। इस वजह से ग्रामीणों व स्कूली बच्चों की आवाजाही बंद हो गई। किसी तरह मलवा साफ कर चट्टान से निकलने का पलता सा रास्ता बनाया गया। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर किसी तरह आवाजाही करने को विवश हैं। क्योंकि रास्ता चट्टान से होकर है और उसके नीचे लधिया नदी पूरे उफान पर बह रही है। मलबे की चपेट में आने से दो जानवर भी मर गए थे।

फिलहाल हाईस्कूल-इंटर में पढ़ने वाले बच्चे ही स्कूल जा पा रहे हैं। छोटी कक्षाओं के बच्चों का स्कूल जाना बंद हो गया है। चट्टान काफी दरक चुकी है। हालात यह हो गए हैं कि एक-दो दिन तेज बारिश होने पर मंदिर के ढह जाने का खतरा बना हुआ है।

प्रशासन को समस्या से अवगत करा दिया गया था, लेकिन आज तक गांव के रास्ते को नहीं सुधारा जा सका है। अगर प्रशासन ने जल्द ही सुरक्षा दीवार आदि का प्रबंध नहीं किया तो रास्ता तो पूरा टूटेगा ही, मंदिर भी ढह जाएगा।