फर्जी डिग्री के चलते कॉन्सटेबल बर्खास्त, RTI से सामने आई सच्चाई

उत्तराखंड में सूचना का अधिकार जनता के समक्ष सच्चाई पेश करने मेँ कारगार साबित हो रहा है। आरटीआई से हुए खुलासे में वन विभाग के एक कॉन्सटेबल की डिग्री फर्जी निकली। इसके कारण उसे अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा।

इस मामले के प्रकाश में आने के बाद अब वन आरक्षक भर्ती के मामले में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। मामला फर्जी प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी हासिल करने से जुड़ा है।

कोटद्वार वन प्रभाग में सुरेन्द्र सिंह राणा नामक शख्स ने साल 2012 में वन आरक्षक की नौकरी हासिल की थी। उसने जिस बोर्ड ऑफ हायर सेकेंड्री एजुकेशन दिल्ली से दसवीं की परीक्षा पास होने का प्रमाण पत्र लगाया है वो फर्जी है। मामले का खुलासा होने के बाद फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले इस शख्स को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है।

साथ ही राज्य सूचना आयोग ने भी अपील का निस्तारण करते हुए मुख्य सचिव को कॉपी भेजकर जांच की जरूरत भी महसूस की है। राज्य सूचना आयुक्त अनिल कुमार शर्मा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपील के निस्तारण आदेश की कॉपी मुख्य सचिव को भी भेज दी है।

सूचना आयोग की टिप्पणी के बाद वन मन्त्री दिनेश अग्रवाल का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। फिलहाल सुरेन्द्र सिंह राणा की नियुक्ति रद्द करने की जानकारी वन विभाग ने सूचना आयोग को दी है।