बासमती चावल का स्वाद लेने से बचें, बिगड़ सकती है सेहत

अगर आप बासमती चावल खाना पसंद करते हैं तो इस चावल का स्वाद लेने से खुद को थोडा दूर रखेँ। क्योंकि भारत के बाजारों में चाइनीज सेगमेंट में जो नए आइटम का नाम आ रहा है, उसमें बासमती भी शामिल हो चुका है। ये बात बासमती के सुगंधित और सुंदर दानों के बीच छिपे प्लास्टिक के चावल से जाहिर हुई है।

आपको बता दें कि अस्थायी राजधानी देहरादून अपनी खूबसूरती के साथ बासमती चावल के लिए वर्षों से मशहूर रहा है। यहां से चावल की सप्लाई देश के कई इलाकों में भी होती है और यहां बड़े पैमाने पर बासमती चावल की खेती होती है मगर राजधानी देहरादून के मंडी में चाइनीज चावल को लेकर भी तरह तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। जानकारों के मुताबिक यहां बासमती चावल की तर्ज पर ही मिलावटखोरों ने नकली बासमती को बाजार में उतारा है।

दरअसल, आलू को चावल के आकार में तैयार किया जाता है। फिर औद्योगिक कारखानों में चावल को सिंथेटिक रेजिन मिलाए जाते हैं और दोनों के मिश्रण को मिलकर चावल का रूप दिया जाता है। फिलहाल ऐसे चावल की पहचान करना बहुत मुश्किल होता है लेकिन इनकी पहचान चावल के पकाने के साथ हो जाती है ।

अब सवाल आपकी सेहत से जुड़ा है इसलिए सतर्क रहने में कोई गुरेज न करें। क्योंकि प्लास्टिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के साथ-साथ हाजमा खराब कर सकता है यानी ऐसे चावल का सेवन करने से शरीर को नुकसान हो सकता है ।