टिहरी : गुलदार ने वृद्ध महिला को बनाया निवाला, खेत में मिला शव

उत्तराखंड में टिहरी जिले के भरपूर पट्टी के भटकोट गांव में गुलदार ने 66 वर्षीय बुजुर्ग महिला पर हमला करके मार दिया। वृद्ध महिला घर में अकेली रहती थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि घटना रात की है या सुबह की। घटना की जानकारी ग्रामीणों को शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मिली।

खबर मिलने पर तहसीलदार बीएस मंडागी सहित वन विभाग और पुलिस की टीम गांव में पहुंची। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों का घेराव करते हुए गुलदार को मारने की मांग की। टिहरी के भटकोट गांव में भुवना देवी पत्नी साधु सिंह अकेली रहती थीं। भुवना के चार बेटे हैं। दो फौज में और दो दिल्ली में नौकरी करते हैं। उसके पति की कुछ साल पहले मौत हो चुकी है।

पड़ोसियों ने देखा कि भुवना देवी पत्नी साधु सिंह के घर के दरवाजे खुले हैं। बकरी भी कमरे में बंधी हुई है, लेकिन वह कहीं दिखाई नहीं दे रही है। महिला के घर में नहीं दिखाई देने पर लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। भुवना की भतीजी संध्या ने बताया कि गुरुवार रात साढ़े नौ बजे बिजली गुल हो गई थी। और उसकी ताई कमरे का दरवाजा खुला छोड़कर सो गई थीं। इसके बाद से ताई दिखाई नहीं दी। इसके बाद परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की।

देवरानी छुनी देवी को घर से लगभग 150 मीटर दूर खेतों में उसका क्षत-विक्षत शव दिखाई दिया। उसका सिर धड़ से अलग था। जंगली जानवर ने उसके शरीर का अधिकांश भाग खा लिया था। ग्रामीणों की सूचना पर तहसीलदार मंडागी और थानाध्यक्ष हेमंत खंडूड़ी गांव पहुंचे। शाम को वन विभाग के उप-प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) प्रदीप कुमार और रेंज अधिकारी केएस रावत पिंजड़ा लेकर गांव में पहुंचे।

ग्रामीणों ने उनका घेराव करते हुए गुलदार को मारने की मांग की। ज्येष्ठ उप प्रमुख हवलदार सिंह और ग्राम प्रधान रतन सिंह राणा ने बताया कि इन दिनों बारिश हो रही है और बार-बार बिजली भी गुल हो जाती है। ऐसी स्थिति में लोग घर से बाहर कैसे निकलेंगे? अधिकारियों ने समझा-बुझाकर ग्रामीणों को शांत किया।

एसडीओ प्रदीप ने बताया कि गुलदार को आदमखोर घोषित करने और गोली मारने के संबंध में डीएफओ की मुख्य वन संरक्षक से बात हुई है। अनुमति मिलने के बाद शूटर तैनात कर दिया जाएगा। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से गांव में चार विभागीय कर्मियों को तैनात किया जा रहा है।