कालसी-चकराता मोटर मार्ग 12 घंटे बाद खुला, मलबा आने से फिर हुआ बंद

चकराता।… कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर जजरेड के पास सड़क पर मलबा आने की समस्या हल नहीं हो पाने से लगभग रोज ही यातायात ठप हो रहा है। गुरुवार रात से शुक्रवार दिनभर में चार बार मोटर मार्ग बाधित रहा। 12 घंटे बाद खुला मार्ग फिर बंद हो गया। जाम में टमाटर से भरे कई ट्रक फंसे रहे, जो मंडी पहुंचने से पहले ही सड़ने शुरू हो गए।

कालसी चकराता-मोटर मार्ग पर सुधारीकरण कार्य में अभी तक दस करोड़ रुपये खर्च हो गए हैं, लेकिन जजरेड के पास मलबा आने से यातायात बाधित होने की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। पिछले चार दिन से यातायात बाधित होने से लोग परेशान हैं। मलबा आने से गुरुवार की रात में यातायात एक बजे बंद हुआ, जेसीबी से मलबा हटाने के बाद सुबह सात बजे यातायात सुचारू हुआ।

ट्रैफिक दो घंटे चला कि शुक्रवार नौ बजे फिर मलबा आ गया, जिसे एक बजे हटाया जा सका। 12 घंटे यातायात बाधित रहने के बाद खुले मार्ग पर ढाई बजे फिर मलबा आ गया और यातायात बाधित हो गया। करीब साढ़े तीन घंटे बाद मार्ग को शाम छह बजे खोला जा सका।

गुरुवार रात को जाम में टमाटर के भरे ट्रक फंसने से किसानों को भारी नुकसान हुआ। चिल्हाड क्षेत्र के नेपाल दत्त, उर्वी दत्त, रोहित, रामलाल, किशन प्रसाद आदि ने कहा कि वे टमाटर दिल्ली मंडी लेकर जा रहे थे, लेकिन जाम में फंसने व बारिश की वजह से टमाटर सड़ने शुरू हो गए। इससे उन्हें भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र के चार मार्गों के खुलने से हजारों लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है, लेकिन दो मार्ग अब भी बंद होने से गांवों का संपर्क शहर व मंडी से कटा हुआ है। जरूरत का सामान बाजार से लाने के लिए लोगों को कई किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ती है।

इस समय डाडुवा-कितरोली, व दोधा संपर्क मार्ग अभी भी बंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग बंद होने से किसानों को अपनी नगदी फसल आलू, टमाटर व हरी सब्जी मंडी तक पहुंचाने में भरी परेशानी आ रही है। पीडब्ल्यूडी साहिया के अधिशासी अभियंता मुकेश परमार के अनुसार बंद मार्ग खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।