उत्तराखंड में बारिश जारी, मकान गिरने से दो महिलाओं की मौत

देहरादून।… उत्तराखंड के ज्यादातर जगहों में शुक्रवार को भी रुक-रुककर लगातार बारिश जारी रही, जबकि पिछले 24 घंटों के दौरान भारी बारिश के कारण दो अलग-अलग जगहों पर गिरे भवनों के मलबे में दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई। यहां राज्य आपदा प्रबंधन और न्यूनीकरण केद्र से मिली जानकारी के अनुसार, कुछेक स्थानों को छोड़कर राज्य के ज्यादातर स्थानों पर बारिश का सिलसिला जारी रहा।

राज्य के बागेश्वर और पौड़ी जिले में भारी बारिश के कारण गिरे मकानों में दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई। बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में सामा गांव में गुरुवार रात तेज बारिश के दौरान एक मकान की दीवार गिर जाने से उसके नीचे दबकर 35 वर्षीय पुष्पा देवी की मौत हो गई। दूसरी घटना पौड़ी जिले के तैंथाणी गांव में हुई जहां गुरुवार शाम एक गौशाला के ढह जाने से उसके मलबे में दबकर 47 वर्षीय मंजू देवी की मौत हो गई।

बुधवार देर रात भी, पौड़ी जिले की चौबट्टाखाल तहसील के मेंड़ा गांव में भारी बारिश के बाद एक मकान के ध्वस्त हो जाने से एक परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई थी। हादसे में जीवित बची परिवार की एकमात्र सदस्य 32 वर्षीय उषा देवी भी घायल हैं। मौसम विभाग ने भी गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर अगले एक-दो दिन भारी बारिश होने का पूर्वानुमान व्यक्त करते हुए इस अवधि के दौरान चारधाम यात्रियों को भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों की यात्रा न करने की सलाह दी है।

गुरुवार शाम जारी पूर्वानुमान ने मौसम विभाग प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में अगले एक-दो दिन मध्यम बारिश की संभावना व्यक्त करते हुए कहा था कि छिटपुट पहाडी इलाकों खासतौर से उत्तरकाशी, चमोली, रूद्रप्रयाग, टिहरी, पौडी, नैनीताल, अल्मोडा और पिथौरागढ़ के कुछ स्थानों पर अगले 60 घंटों के दौरान भारी बारिश हो सकती है।

चारधाम यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए पूर्वानुमान में कहा गया है कि इन जिलों में भारी बारिश और उसके कारण भूस्खलन की आशंका को देखते हुए उन्हें इस अवधि के दौरान इन इलाकों में जाने से बचना चाहिए। लगातार बारिश होने से गंगा, अलकनंदा, भागीरथी, यमुना और शारदा सहित विभिन्न नदियों का जलस्तर भी बढ गया है। हालांकि, फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है और अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।