अभी तो 2013 की आपदा के जख्म ही नहीं भरे हैं कि 2015 में उत्तराखंड पर एक बार फिर बारिश कहर बनकर टूट पड़ी है। मूसलाधार बारिश ने समूचे राज्य में कोहराम मचा रखा है।

पौड़ी गढ़वाल में पाबौ ब्लॉक के छानी गांव में गुरुवार तड़के बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। बारिश की चपेट में आने से गांव की सड़क पर खड़ा ट्रक, एक कार और तीन बाइक बहकर क्षतिग्रस्त हो गए। पानी का ऐसा सैलाब आया कि ग्रामीणों के दर्जनों खेतों को तबाह कर गया। दूसरी ओर देवप्रयाग के सिरसेट और सुन्नी गांव में भी बादल फटने से कृषि भूमि और पेयजल लाइन को क्षतिग्रस्त हुए हैं।

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पाबौ ब्लॉक के छानी गांव में गुरुवार की सुबह चार बजे गांव के ऊपर गुसगढ़ जंगल में तेज गड़गड़ाहट की आवाज के साथ बादल फट गया। इस दौरान भारी मात्रा में पानी और मलबे का रैला गांव के किनारे से निकला।

बादल फटने की आवाज आते ही सभी लोग अपने-अपने घरों से बाहर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। बाद में मलबा और पानी गांव में भी आ गया, जिससे गांव की सड़क पर खड़ा ट्रक, एक मारुति कार और दो मोटरसाइकिल बह गईं। इसके अलावा ग्रामीणों के खेत, पेयजल योजना, बिजली के पोल, संपर्क मार्ग का पुल सब बह गए।

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लोगों के खेतों और सड़क पर बड़े-बडे बोल्डर पड़े हुए हैं। घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे राजस्व सब इंस्पेक्टर सूर्य प्रकाश भट्ट ने जानकारी दी कि नुकसान की रिपोर्ट सरकार को भेजी जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस घटना से पूरा गांव सहमा हुआ है। घटना से गांव की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने से गांव के लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं।

देवप्रयाग तहसील के कड़ाकोट पट्टी के सिरसेट और सुन्नी गांव में बादल फटने से कृषि भूमि और पेयजल लाइन को नुकसान पहुंचा है। दोनों गांवों में करीब चार हेक्टेयर कृषि भूमि पर उगी फसल भी तबाह हो गई, जबकि कई गांवों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई।

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बुधवार रात सिरसेट से करीब एक किलोमीटर ऊपर तोल तोक में बादल फटने से बरसाती गदेरा (नाला) उफान पर आ गया और तीन हेक्टेयर कृषि भूमि को बहा ले गया। सिरसेट गांव से पांच किलोमीटर दूर सुन्नी गांव में भी बादल फटने से एक हेक्टेयर कृषि भूमि बर्बाद हो गई।

सिरसेट गांव में बादल फटने से खर्क में भूस्खलन भी हुआ। वहीं गदेरों में मलबा आने से डांग, सरक्याणा, बगर और रणकंडियाल गांवों की पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। तहसीलदार बीएस मंडागी के अनुसार राजस्व सब इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया है कि प्रभावित क्षेत्र की पत्रावलियां तत्काल बनाएं।