बंदरों को न खिलाएं खाना, वरना जाना पड़ेगा जेल

अगर आप रास्ते में मिलने वाले बंदरों को खाना खिलाते हैं तो सावधान हो जाइए। उत्तराखंड में बंदरों को खाना खिलाने पर आपको जेल हो सकती है। इसके लिए वन विभाग ने आदेश जारी किए हैं। उत्तराखंड में बंदरों का आतंक दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री दरबार तक शिकायतें पहुंची।

सीएम ने वन विभाग के अधिकारियों के पेंच कसे तो विभाग के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ने आनन-फानन में बंदरों को खाना खिलाने वालों को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दंड देने के फरमान जारी कर दिए। लेकिन इस फरमान पर अमल कैसे होगा, ये बड़ा सवाल है। क्योंकि बंदरों से धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं और ऐसे में लोगों को जागरूक करना मुश्किल साबित हो सकता है।

जाहिर है कि शहरी क्षेत्रों, मंदिरों और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बंदरों को खाना देने वालों की कमी नहीं रहती। आराम से मिलने वाले खाने के लालच में बंदर भी जंगल छोड़ अब इन्हीं क्षेत्रों में जमे रहते हैं, लेकिन मुश्किल तब होती है जब कभी खाना न मिलने पर बंदर इंसानों पर धावा बोल देते हैं।

कई बार राजमार्गों पर छीना झपटी में बंदर भी दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। इसी के मद्देनजर वन विभाग द्वारा बंदरों को खाना खिलाने को अपराध बताकर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी जारी की गई है।

प्रसिद्ध लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के महंत भारत भूषण कहते हैं कि बंदर बजरंग बली के रूप माने जाते हैं और इसीलिए लोग इन्हें खिलाना पुण्य मानते हैं। वहीं जब हमने मंदिर में बंदरों को खिला रहे एक भक्त संगम वर्मा से बात की तो उसने भी कहा कि बंदर तो साक्षात हनुमान हैं और उन्हें खिलाने से भगवान प्रसन्न होते हैं।

महंत भारत भूषण और संगम वर्मा की ये बातें साबित करती हैं कि बंदरों को खिलाने से लोगों को रोकने के लिए केवल कानून ही काफी नहीं। इसके लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाना बेहद जरूरी है।