आसमानी आफत : रातभर बारिश के बाद दहशत में लोग, गढ़वाल में तमाम सड़कें टूटीं

उत्तराखंड में बारिश एक बार फिर आफत बनकर आयी है और ये आफत कम होने का नाम ही नहीं ले रही। ऊपर से मलबा आने के कारण बद्रीनाथ हाईवे कई जगहों पर बंद पड़ा है। इसके कारण भगवान बद्रीनाथ के दर्शनों के लिए जा रहे तीर्थयात्री जगह-जगह पर फंसे हुए हैं और रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं।

उधर केदारनाथ की तीर्थ यात्रा के लिए 80 यात्रियों का दल सोनप्रयाग से केदारनाथ को रवाना हो गया। हेमकुंड, गंगोत्री, यमुनोत्री यात्रा भी जारी है। रुद्रप्रयाग में बुधवार रात भर तेज बारिश होती रही। सुबह मौसम साफ होने पर सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए 80 यात्री रवाना हुए। गौरीकुंड हाईवे सोनप्रयाग तक खुला हुआ है।

चमोली जिले में रात से ही तेज बारिश हो रही है। बद्रीनाथ हाईवे लामबगड़, बैनाकुली, बलदौड़ा में भूस्खलन से बंद हो गया। बीआरओ की टीम सड़क से मलबा हटाने में जुटी हुई है। इन जगहों पर बद्रीनाथ यात्री हाईवे खुलने का इंतजार कर रहे हैं। बारिश के बावजूद हेमकुंड यात्रा भी जारी है। गुरुवार सुबह भी गोविंदघाट से 150 यात्री हेमकुंड यात्रा के लिए रवाना हुए।

उत्तरकाशी और टिहरी जिले में भी रातभर बारिश के बाद सुबह मौसम साफ हो गया। इससे लोगों ने राहत की सांस ली। कीर्तिनगर में एक संपर्क मार्ग अवरुद्ध है। सुबह कौडियाला के पास मलबा आने से बद्रीनाथ हाईवे कुछ देर से लिए बाधित रहा। पौड़ी जिले में भी रात को लगातार बारिश होने के बाद सुबह थम गई। जिले के 30 संपर्क मार्ग मलबे के कारण बंद बड़े हैं। यहां जिले की चौबट्टाखाल तहसील के अंतर्गत मेड़ा गांव में एक मकान ढह गया। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोग जिंदा दफन हो गए, जबकि एक महिला घायल है।

कुमाऊं में कहीं बारिश तो कहीं धूप खिली है। बागेश्वर जिले में बुधवार रात से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है। उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में भी बारिश का दौर जारी है। चंपावत में तीन दिन बाद धूप खिली, तो लोगों ने राहत की सांस ली है। नैनीताल जिले में कॉर्बेट सिटी नाम से मशहूर रामनगर में गुरुवार को भी मौसम खराब होने की आशंका है।