ब्रिटिश यूनिफॉर्म में दिखेंगे पुलिस विभाग में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मी

उत्तराखंड पुलिस महकमे के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के यूनिफॉर्म को बदल दिया गया है। अब पुलिस के चतुर्थ श्रेणी कर्मी पुलिस जवानों की तरह स्मार्ट दिखाई देंगे। वे ब्रिटिश कैप के साथ सफेद पैंट और सफेद शर्ट में नजर आएंगे। डीजीपी बीएस सिद्वू ने यह नया फरमान जारी किया है। डीजीपी का कहना है कि प्रदेश के सभी चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी अब एक यूनिफॉर्म में नजर आएंगे।

पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को दो तरह की यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिसमें एक तो सेरेमोनियल ओकेजन पर पहनने वाली यूनिफॉर्म है और दूसरी सामान्य ड्यूटी के दौरान पहनने वाली।
डीजीपी का कहना है कि पुलिस महकमे में करीब 754 चतुर्थ श्रेणी कर्मी तैनात हैं, जिसमें 153 महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डीजीपी का कहना है कि पुलिसकर्मी काफी समय से यूनिफॉर्म देने की मांग कर रहे थे, जिसको देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है कि सभी कर्मियों को मुफ्त में यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी। गॉर्डनिंग का काम करने वाले कर्मियों को ब्रिटिश कैप दी जा रही है। डीजीपी का कहना है कि मुख्यमंत्री हरीश रावत से पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए 2 करोड़ रुपए की मांग की गई थी।

सरकार ने पुलिस कल्याण कोष में दो करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। ऐसे में पुलिस जवानों के कल्याण की लंबित योजनाओं को पूरा किया जा रहा है। उनका कहना है कि चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को बहुत कम छुट्टियां मिलती हैं। ऐसे में कर्मचारियों के कल्याण को नजर अंदाज करना किसी भी तरह से ठीक नहीं है।

उत्तराखंड पुलिस महकमे में भारी संख्या में कर्मचारी संविदा पर भी तैनात है, लेकिन ऐसे कर्मचारियों को उचित वेतन न मिलने के साथ उन्हें यूनिफॉर्म भी नहीं दी जाती थी। ऐसे में पुलिस का मानना है इससे कर्मचारियों का मनोबल कमजोर होता था। वहीं कर्मचारियों का कहना है कि 15 सालों के बाद पहली बार उनके लिए यूनिफॉर्म की व्यवस्था की गई है।

गौरतलब है कि पुलिस कर्मियों का कोई यूनियन नहीं है। ऐसे में वे मांगों को लेकर कोई अनशन प्रदर्शन नहीं करते हैं। इस वजह से जवानों की मांगों को पूरा होने में दशक लग जाते हैं।