बारिश ने समूचे कुमाऊं मंडल में तांडव मचा रखा है। चंपावत जिले में भी तमाम नदी-नाले उफान पर हैं। यहां लोगों का घरों से बाहर निकलना भी मुहाल हो रहा है। भारी बारिश से आपदा की आशंका के चले यहां मां श्री पूर्णागिरि धाम की यात्रा पर ऐहतियातन रोक लगा दी गई है।

अचानक मां पूर्णागिरी के दर्शनों पर लगी रोक के कारण कई यात्रियों को देवी के दर्शन किए बगैर ही वापस लौटना पड़ा है। उधर आपदा प्रबंधन टीम हालात पर लगातार नजर रखे हुए है। मौसम की खराबी को देखते हुए डीएम ने मंगलवार को स्कूलों में छुट्टी घोषित की है।

लगभग पूरे कुमाऊं मंडल में रविवार से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। हालांकि अब तक कहीं से भी आपदा की खबर नहीं है, लेकिन प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार नजर रखे हुए हैं। आपदा के नोडल अधिकारी एसडीएम नरेश दुर्गापाल और सीओ राजन सिंह रौतेला ने सोमवार को बाढ़ और आपदा के लिहाज संवेदनशील क्षेत्रों को दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

purnagiriएसडीएम ने बताया कि फिलहाल शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन पर्वतीय इलाकों में ज्यादा बारिश होने पर जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। पूर्णागिरि मार्ग खुला है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यात्रियों को नहीं जाने दिया जा रहा है।

आपदा की आशंका के चलते अचानक पूर्णागिरि यात्रा पर रोक के कारण उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों से आए यात्रियों को बैरंग वापस लौटना पड़ा है। बारिश रुकने पर यात्रियों ने शारदा नदी तट से प्रकृतिक के सौंदर्य का आनंद जरूर लिया।