NRHM दवा घोटाले में मुझे जानबूझकर फंसाया जा रहा है : अजय भट्ट

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता अजय भट्ट ने दावा किया कि हाल में प्रकाश में आया कथित राष्टीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) दवा घोटाला उनके इस मिशन का अध्यक्ष बनने से एक साल पहले का है और उनकी बेदाग छवि को ठेस पहुंचाने के मकसद से उनके खिलाफ आरोप लगाने वाले स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी को तत्काल राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

भट्ट ने राज्य की हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार और संगठन दोनों विपक्ष के नेताओं को झूठे आरोपों में फंसाने की योजना बनाने में जुटे हुए हैं ।

भट्ट ने सूचना के अधिकार के तहत सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी की कॉपी वितरित करते हुए कहा कि एनआरएचएम दवा घोटाला यानी आशा किट घोटाला वित्तीय वर्ष 2008-09 का है जबकि उन्हें इस  मिशन के अध्यक्ष पद पर वित्तीय वर्ष 2009-10 में नामित किया गया।

भट्ट ने यह भी कहा कि एनआरएचएम के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्हें कोई वित्तीय अधिकार भी प्राप्त नहीं थे और उन्होंने प्रोजेक्ट इम्पलीमेंटशन प्रोग्राम (पीआईपी) पर चर्चा के लिए बुलाई गई केवल एकमात्र बैठक में हिस्सा लिया था लेकिन उसमें भी किसी दस्तावेज पर उनके कोई दस्तखत नहीं लिए गए थे ।

भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री नेगी ने बिना तथ्यों को जांचे-परखे उन पर दवा घोटाले में शामिल होने का आरोप लगाया जिससे उनकी छवि को ठेस पहुंची। उन्होंने कहा कि नेगी के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय तथा उनकी टीम के अन्य लोग इस संबंध में अनर्गल और तथ्यहीन बयान देकर जनता में उनके खिलाफ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

हालांकि, भट्ट ने कहा कि इस संबंध में जब उन्होंने कांग्रेसी नेताओं को चुनौती दी तो स्वास्थ्य मंत्री नेगी अपनी बात से पलट गए और उन्हें पाक-साफ छवि का व्यक्ति बताते हुए उन्हें इस मामले में क्लीन चिट दे दी। लेकिन, उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता उनके खिलाफ अब भी दुष्प्रचार करने में लगे हुए हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि बिना तथ्यों को जांचे-परखे गैर जिम्मेदाराना और झूठे आरोप लगाने वाले मंत्री नेगी को मंत्रिमंडल से तुरंत बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए।