मोबाइल ऐप के जरिए जल स्तर की जानकारी देंगे जलविज्ञानी

देश के जलविज्ञानी जल्द ही एक मोबाइल एप्लिकेशन की मदद से नदियों के बेसिन के जल स्तरों की जानकारी देंगे। केंद्रीय जल आयोग ने (सीडब्ल्यूसी) इसे लेकर एक मोबाइल एप्प तैयार करने का प्रस्ताव दिया है।

इस एप्लिकेशन से जल स्तर नापने और उच्च अधिकारियों के पास इसकी सूचना पहुंचाने की वर्तमान प्रक्रिया आसान हो जाएगी।

केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि इसकी जगह जलविज्ञानियों को केवल नदियों के बेसिन में जलविज्ञान निरीक्षण स्थलों पर लगाए गए मापकों में दर्ज किए गए जल स्तर के माप डालने होंगे या मापक के माप की एक तस्वीर खींचकर मोबाइल एप्प के माध्यम से इसे केंद्रीय सर्वर के पास सीधे भेजना होगा। संबंधित अधिकारी इस माप का इस्तेमाल बाढ़ का पूर्वानुमान जारी करने के लिए करेंगे।

सीडब्ल्यूसी अधिकारियों ने कहा, इस मोबाइल एप्प से निरीक्षण स्थलों और बाढ़ पूर्वानुमान के बुलेटिन जारी करने वाले संभागीय बाढ़ नियंत्रण कक्षों के बीच संवाद संबंधी अड़चनों को दूर करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही गलतियों की संभावना कम और निपुणता बेहतर होगी।

केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय के अधीन काम कर रहे सीडब्ल्यूसी के देश भर में विभिन्न नदियों के बेसिन में करीब 900 जलविज्ञान निरीक्षण स्थल हैं। स्थलों पर तैनात अधिकारी मापक (गेज) पर जल स्तर का माप दर्ज करते हैं और संभागीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को इसकी जानकारी देते हैं।

इसके बाद नियंत्रण कक्ष भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) की सूचनाओं समेत विभिन्न मापदंडों को ध्यान में रखते हुए बाढ़ का पूर्वानुमान जारी करते हैं।