उत्तराखंड में शनिवार रात से ही रुक-रुक कर बारिश जारी…

उत्तराखंड के कई हिस्सों में शनिवार रात से भारी बारिश हो रही है और इस संबंध में मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मद्देनजर राज्य सरकार ने अलर्ट जारी करते हुए सभी जिलाधिकारियों को खास तौर से चारधाम यात्रा रूट के क्षेत्रों में सतर्क रहने को कहा है। रूक-रूक कर लगातार हो रही बारिश के कारण मुख्यमंत्री हरीश रावत का हेलीकाप्टर आज उडान नहीं भर सका और उनका टिहरी सहित गढवाल क्षेत्र का दौरा भी स्थगित हो गया।

राजधानी देहरादून में भी कल रात से रूक-रूक कर भारी बारिश लगातार जारी है। राज्य के अन्य जिलों टिहरी, पौडी, उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल से मिली जानकारी के अनुसार, कई स्थानों पर कल से शुरू हुई बारिश अब भी जारी है। मौसम विभाग के अगले तीन दिनों में भारी वष्रा के पूर्वानुमान के मद्देनजर मुख्यमंत्री रावत ने सभी जिलाधिकारियों को अपनी तैयारियां पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।

यहां जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार कल देर शाम भारी वष्रा की स्थिति का सामना करने के लिए जिलों में की गई तैयारियों की समीक्षा करते हुए रावत ने जिलों को जोन एवं सेक्टर में विभाजित कर वहां अधिकारियों की तैनाती करने को कहा है।

मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि चारधाम यात्रा मार्ग पर विशेष ध्यान रखने के साथ ही अन्य जिलों में भी सतर्कता बरती जाए। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी अपनी तैयारियां पूरी रखें लेकिन यह भी सुनिश्चित किया जाए कि लोगों में किसी प्रकार की घबराहट न हो और कहीं भी कोई घटना होने पर सबसे पहले जिला प्रशासन के लोग वहां पहुंचे। रावत ने चारधाम यात्रा मार्ग पर सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कहा कि रात में तीर्थयात्रियों का मूवमेंट नहीं होना चाहिये और हरहाल में यह सुनिश्चित किया जाये कि मार्ग बाधित होने की स्थिति में अधिकारी यात्रियों के निरंतर सम्पर्क में हों।

बागेश्वर के जिलाधिकारी के मेडिकल लीव पर होने पर मुख्यमंत्री ने कुमायूं के मंडलायुक्त को बागेश्वर जाने को कहा और चमोली के जिलाधिकारी को अगले दो तीन दिन जोशीमठ में कैम्प करने को कहा। उन्होंने पिथौरागढ के जिलाधिकारी को कैलाश मानसरोर यात्रा पर नजर बनाए रखने तथा हरिद्वार एवं ऊधमसिंहनगर के जिलाधिकारियों को नदियों की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिये।

मौसम विभाग ने आज से अगले 48 घंटों के दौरान राज्य के कई स्थानों पर भारी बारिश और छिटपुट स्थानों खास तौर से पौडी गढ़वाल, अल्मोडा, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में अपेक्षाकृत भारी यानी 160 मिमी तक बारिश होने की चेतावनी जारी की है।

वर्ष 2013 में 16-17 जून को केदारनाथ क्षेत्र में आयी भीषण प्राकृतिक आपदा में हजारों लोगों के मारे जाने और लापता हो जाने के दर्दनाक हादसे से राज्य सरकार अब तक उबर नहीं पायी है और ऐसे में लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।