इन युवाओं ने UPSC में किया माता-पिता और उत्तराखंड का नाम रोशन

सिविल सेवा परीक्षा के अंतिम परिणाम में जहां पहले पांच में से चार स्थान देश की महिला शक्ति यानी लड़कियों ने हासिल किए हैं, वहीं उत्तराखंड के युवाओं ने भी अपना दम-खम दिखाया है। पहली बार अकेले राज्य की अस्थायी राजधानी से ही तीन युवाओं ने परीक्षा में सफलता हासिल की है।

रचिता जुयाल ने 215वीं, आदित्य ममगाईं ने 308वीं और विवेक नौटियाल ने 1038वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा पौड़ी जिले में लैंसडौन के पराग अग्रवाल ने 612वीं रैंक हासिल की है। राज्य के तीन और युवाओं ने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के झंडे गाड़े हैं।

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने शनिवार को सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम जारी किए। परीक्षा में मोथरोवाला रोड स्थित अमन विहार निवासी सीबीसीआईडी इंस्पेक्टर बीबीडी जुयाल की बेटी रचिता जुयाल ने सेल्फ स्टडी से ही 215वीं रैंक हासिल की।

नकरौंदा स्थित अलकनंदा विहार निवासी पूर्व अनुसचिव बुद्धि बल्लभ ममगाई के वैज्ञानिक (आईआरडीई में) बेटे आदित्य ने 308वीं रैंक के साथ परीक्षा में सफलता के झंड़े गाड़े हैं।

रेसकोर्स निवासी दून अस्पताल में आयुष चिकित्सक डॉ. जेएन नौटियाल के बेटे विवेक ने परीक्षा में 1038वीं रैंक हासिल की है। विवेक इससे पहले आईआईडी खड़गपुर में टॉपर रह चुके हैं और इन दिनों एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं।

इसके अलावा परीक्षा में आशीष रावत ने 1126वीं, पुष्पांजलि रावत ने 1176वीं और विकास नेगी ने 1189वीं रैंक हासिल की है। यूपीएससी ने पहली बार इंटरव्यू के महज चार से पांच दिन बाद ही परीक्षा का परिणाम घोषित किए हैं।