हरिद्वार-ऋषिकेश में पॉलीथिन पर बैन, पकड़े जाने पर 5 हजार का जुर्माना

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने हरिद्वार में पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब पॉलीथिन का इस्तेमाल करने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। गुरुवार को एनजीटी ने लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद ओदश सुनाया।

बता दें नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर गंगा का हाल जानने के लिए लोकल कमिश्नर शारिक जैदी पिछले महीने हरिद्वार पहुंचे थे। उन्होंने 19 और 22 जून को हरकी पैड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया था। यहां पॉलीथिन, गंदगी के ढेर व अवैध रूप से लगी दुकानों को देखकर वे भड़क गए थे।

कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सुनवाई के बाद गुरुवार को हरिद्वार में पॉलीथिन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब हरकी पैड़ी क्षेत्र में पॉलीथिन नहीं बिक सकेगी।

गंगा नदी की दयनीय स्थिति पर एनजीटी ने नाखुशी जताई। एजजीटी ने कहा कि उसने यह आदेश इसलिए पारित किया ताकि गंगा प्रदूषण मुक्त बने और श्रद्धालु इसमें डुबकी लगाकर इसका जल घर ले जा सकें।

एनजीटी के प्रमुख जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, ‘समूचे हरिद्वार और ऋषिकेश और खासकर गंगा के किनारों व बाढ़ के मैदानों में प्लास्टिक बैग पूरी तरह से प्रतिबंधित होने चाहिए।

यहां प्लास्टिक का इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य के लिए नहीं किया जाना चाहिए। अगर कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक का इस्तेमाल करता पाया जाता है तो इस पर 5000 रुपये का जुर्माना लगाया जाए।’

एनजीटी ने हरिद्वार नगर निगम, पुलिस और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा कि गंगा के घाटों और उसके बाढ़ मैदानों में किसी भी प्रकार का प्लास्टिक नहीं पाया जाना सुनिश्चित किया जाए।

हरकी पैड़ी का गंदगी से बुरा हाल है। अधिकारी देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं। नगर निगम का कोई सफाई कर्मचारी ऑटो चला रहा है तो कोई दुकान, कोई पॉलीथिन बेच रहा है।